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संवैधानिक परिषद्‍को पूर्णता, सिफारिसहरुमा बाटो खुल्यो

संवैधानिक परिषद् पूर्ण, सिफारिश प्रक्रिया शुरू

नेपाली कांग्रेस ने सांसद भीष्मराज आङदम्बेला को संसदीय दल के नेता के रूप में चयनित करने के साथ संवैधानिक परिषद् पूर्ण हो गई है। संवैधानिक परिषद् को प्रधानन्यायाधीश, निर्वाचन आयोग के प्रमुख आयुक्त, समावेशी आयोग के अध्यक्ष सहित अन्य रिक्त संवैधानिक पदाधिकारियों के नाम सिफारिश करने होंगे। प्रधानन्यायाधीश का पद १७ चैत्र को रिक्त हो चुका है और वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल कार्यवाहक प्रधानन्यायाधीश की जिम्मेदारी निभा रही हैं। १५ वैशाख, काठमांडू।

नेपाल के संविधान ने सर्वोच्च अदालत के प्रधानन्यायाधीश से लेकर विभिन्न संवैधानिक निकायों के पदाधिकारियों के चयन के लिए संवैधानिक परिषद् का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गठित इस परिषद् में प्रधानन्यायाधीश, प्रमुख विपक्षी दल के नेता, सभामुख, उपसभामुख और राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष सदस्य होते हैं। लेकिन प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश करते समय कार्यवाहक प्रधानन्यायाधीश के स्थान पर कानून मंत्री सदस्य होते हैं।

२१ फागुन की प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद संवैधानिक परिषद् में सभामुख और उपसभामुख का चयन हो चुका था, लेकिन नेपाली कांग्रेस के प्रमुख विपक्षी दल के नेता का चयन नहीं होने से परिषद् पूर्ण नहीं था। लेकिन सोमवार को आङदम्बेला सर्वसम्मति से संसदीय दल के नेता निर्वाचित होने के साथ परिषद् फिर से पूर्ण हो गई है।

कौन से पद खाली हैं?
१७ चैत्र को प्रकाशमानसिंह राउत के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रधानन्यायाधीश का पद रिक्त है। सर्वोच्च अदालत की वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल कार्यवाहक प्रधानन्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभाल रही हैं। न्याय परिषद् ने वरिष्ठतम न्यायाधीश मल्ल सहित न्यायाधीश कुमार रेग्मी, हरि फुयाल, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. नहकुल सुवेदी और तिलप्रसाद श्रेष्ठ के नाम संवैधानिक परिषद् को भेजे हैं।

सर्वोच्च अदालत में तीन वर्षों का कार्यकाल पूरा करने वाला न्यायाधीश प्रधानन्यायाधीश के पद के लिए योग्य माना जाता है, जो संविधान में प्रावधानित है। इससे पहले भी न्याय परिषद् ने परंपरागत रूप से तीन वर्ष पूरे कर चुके न्यायाधीशों के नाम संवैधानिक परिषद् को भेजे हैं।

पद खाली होने से एक महीने पहले ही सिफारिश करनी होती है, इसलिए परिषद् के अधूरे होने के कारण प्रधानन्यायाधीश सहित अन्य संवैधानिक पदों के लिए सिफारिश रुकी हुई थी। सरकार ने सोमवार को संवैधानिक परिषद् से संबंधित अध्यादेश जारी करने की बात कही थी, लेकिन निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है।

प्रधानन्यायाधीश के अलावा निर्वाचन आयोग के प्रमुख आयुक्त समेत दो अन्य आयुक्त, राष्ट्रीय प्राकृतिक स्रोत एवं वित्त आयोग का अध्यक्ष, समावेशी आयोग का अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का एक सदस्य सहित अन्य संवैधानिक पद रिक्त हैं। सोमवार को पूर्ण हुई संवैधानिक परिषद् इन रिक्त पदों के लिए नाम सिफारिश करके संसदीय सुनवाई समिति को भेजेगी।

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