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दाङका अतिक्रमित जग्गा फिर्ता ल्याउने तयारी, विश्वविद्यालयदेखि प्रहरीकै जग्गा कब्जा

दाङ में अतिक्रमित सरकारी जमीनों की वापसी की तैयारी, विश्वविद्यालय से लेकर पुलिस कार्यालय तक कब्जा हटाने का अभियान

दाङ में सरकारी तथा सार्वजनिक जमीनों पर हुए अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया संघीय सरकार के निर्देशानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय की १३२६ विघा और स्वर्गद्वारी आश्रम की ९५८ विघा जमीन लंबे समय से अतिक्रमण में स्थित है। प्रमुख जिल्ला अधिकारी विश्वप्रकाश अर्याल ने अतिक्रमण नियंत्रण के लिए डिजिटल अभिलेख तैयार करने और विशेष अभियान चलाने की जानकारी दी। १६ वैशाख, काठमांडू।

दाङ में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी की जा रही है। देश के अन्य हिस्सों की तरह दाङ में भी सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है। दाङ में लंबे समय से विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर भूमिहीन, सुकुम्बासी तथा अव्यवस्थित बसोबास होते आए हैं। अब उन सभी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू किया गया है, यह जानकारी प्रमुख जिल्ला अधिकारी विश्वप्रकाश अर्याल ने दी।

मंगलवार को जिला प्रशासन कार्यालय में संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर सार्वजनिक जमीनों पर हुई अवैध कब्जे को तुरंत हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, उन्होंने बताया। अर्याल के अनुसार संघीय सरकार के निर्देशों के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना आगे बढ़ाई गई है। इसके अनुसार जिन स्थानों पर जमीन अतिक्रमित है उनकी लागत का संकलन हो चुका है। ‘कहां और कितनी जमीन अतिक्रमित है, किसके कितने लोग रहते हैं, इसका कुछ जगहों पर लागत संकलन हो चुका है,’ उन्होंने कहा, ‘कुछ जगहों का संकलन अभी बाकी है। संकलन हो चुकी जगहों पर शीघ्र अतिक्रमण हटाया जाएगा।’

दाङ में नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय, राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान घोराही, जिला प्रशासन कार्यालय, नेपाल पुलिस स्कूल, इलाका पुलिस कार्यालय तुलसीपुर, राप्ती प्रादेशिक अस्पताल तुलसीपुर सहित कई कैंपस और विद्यालयों की हजारों विघा जमीनें अतिक्रमित हैं। इन स्थानों पर भूमिहीन, सुकुम्बासी और अव्यवस्थित तरीके से घर बनाए जा चुके हैं और बस्ती बसाई गई है। प्रमुख जिल्ला अधिकारी अर्याल ने सार्वजनिक जमीनों के संरक्षण एवं अतिक्रमण नियंत्रण के लिए डिजिटल अभिलेख बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही होने की जानकारी दी।

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