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श्रम मंत्रालय के अधीन निकायों से पदमुक्त व्यक्तियों का विवरण

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने “सार्वजनिक पदाधिकारी के पदमुक्ति संबंधी विशेष व्यवस्था अध्यादेश, २०८३” जारी किया है, जिसके तहत १,५३४ सार्वजनिक पदाधिकारी पदमुक्त किए गए हैं।
  • यह अध्यादेश ११० से अधिक कानूनों में संशोधन करता है और विभिन्न नियामक निकायों, सार्वजनिक संस्थानों और राज्य के अन्य निकायों में राजनीतिक नियुक्त पदों को समाप्त करता है।
  • श्रम, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के अधीन वैदेशिक रोजगार बोर्ड, सामाजिक सुरक्षा कोष और राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के कार्यकारी निर्देशक और अन्य सदस्य भी पदमुक्त किए गए हैं।

२० वैशाख, काठमांडू। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने ‘सार्वजनिक पदाधिकारी के पदमुक्ति संबंधी विशेष व्यवस्था अध्यादेश, २०८३’ जारी किया है, जिसके तहत १,५३४ सार्वजनिक पदाधिकारी पदमुक्त किए गए हैं।

यह अध्यादेश ११० से अधिक कानूनों में संशोधन करता है, जो विभिन्न नियामक निकायों, सार्वजनिक संस्थाओं और राज्य के अन्य निकायों में राजनीतिक नियुक्ति पाए लोगों को पदमुक्त करता है।

श्रम, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नियुक्त व्यक्तियों को भी पदमुक्त किया गया है।

अध्यादेश के तहत श्रम, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के अधीन केन्द्रीय श्रम सलाहकार परिषद, वैदेशिक रोजगार प्रवर्धन बोर्ड, सामाजिक सुरक्षा कोष और राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रतिष्ठान में राजनीतिक नियुक्ति पाए लोगों को पदमुक्त किया गया है।

वैदेशिक रोजगार अधिनियम २०६४ के अनुसार नियुक्त १० लोग, श्रम अधिनियम २०७४ के अनुसार नियुक्त १० लोग और योगदान आधारित सामाजिक सुरक्षा अधिनियम २०७४ के अंतर्गत नियुक्त ७ लोगों के पद समाप्त हुए हैं।

वैदेशिक रोजगार बोर्ड के कार्यकारी निर्देशक डॉ. द्वारिका उप्रेती, सामाजिक सुरक्षा कोष के कार्यकारी निर्देशक कविराज अधिकारी, राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के कार्यकारी निर्देशक रमेश कुमार बख्ती सहित कई उच्च पद खाली हुए हैं।

वैदेशिक रोजगार अधिनियम २०६४ की धारा ३८ में वैदेशिक रोजगार व्यवसाय को प्रवर्धन करने, सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाने के लिए वैदेशिक रोजगार बोर्ड गठित करने का प्रावधान है। बोर्ड को वैदेशिक रोजगार में जाने वाले श्रमिकों और व्यवसायियों के हितों की रक्षा करनी होती है।

श्रम मंत्री की अध्यक्षता में २५ सदस्यीय बोर्ड की व्यवस्था है। सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से उक्त बोर्ड के कार्यकारी निर्देशक समेत सदस्यों को पदमुक्त किया है।

अध्यादेश के बाद बोर्ड के कार्यकारी निर्देशक उप्रेती सहित दो वैदेशिक रोजगार विशेषज्ञ, वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ के अध्यक्ष और संघ द्वारा नामित एक महिला सदस्य, तथा दो प्रशिक्षण संचालक पदमुक्त हुए हैं।

साथ ही एमबीबीएस उत्तीर्ण एक पदाधिकारी, सरकार द्वारा नामित चार ट्रेड यूनियन महासंघ के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि चार सदस्य, उद्योग वाणिज्य महासंघ का एक सदस्य और प्राविधिक शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद का एक सदस्य भी पदमुक्त किया गया है।

श्रम अधिनियम २०७४ की धारा १०२ के अनुसार गठित केन्द्रीय श्रम सलाहकार परिषद के सदस्य भी पदमुक्त किए गए हैं। श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाले २१ सदस्यीय परिषद में रोजगारदाता की ओर से नामित पांच और ट्रेड यूनियन महासंघ से नामित पांच सदस्य सहित कुल दस सदस्य पदमुक्त हुए हैं।

योगदान आधारित सामाजिक सुरक्षा अधिनियम २०७४ की धारा ४२ के तहत नियुक्त कार्यकारी निर्देशक अधिकारी भी पदमुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही अधिनियम की धारा २९ (१) के उपधाराओं (छ) और (ज) के तहत नियुक्त पाँच सदस्य भी पदमुक्त हुए हैं।

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