
सुकुमवासीयों के प्रदर्शन में नारायणकाजी श्रेष्ठ की भागीदारी
२५ वैशाख, जनकपुरधाम। सर्लाही के बागमती नगरपालिकाले कर्महियामा सुकुमवासीयों ने प्रदर्शन किया। भूमि अधिकार मंच एवं अखिल नेपाल सुकुमवासी महासंघ के आयोजन में यह प्रदर्शन संपन्न हुआ। प्रदर्शन में “डोजर आतंक बंद करो”, “आवास का अधिकार दो”, “हमें ऐसी सरकार नहीं चाहिए” जैसे नारे लगाए गए। अखिल नेपाल सुकुमवासी महासंघ के अनुसार, सर्लाही के बागमती नगरपालिकामें करीब ९ हजार भूमिहीन सुकुमवासीयों का निवास है। प्रदर्शन में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के नेता नारायणकाजी श्रेष्ठ भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रदर्शन के बाद आयोजित कोणसभा में भी अपना भाषण दिया।
भाषण के दौरान नेता श्रेष्ठ ने बताया कि सरकार सुकुमवासीयों के साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं कर रही है। ‘‘सुकुमवासी इंसान नहीं, नागरिक नहीं हैं ऐसा सरकार को कहना पड़ेगा – तुम भी सरकार नहीं हो,’’ उन्होंने कहा। नेपाली नागरिकों को संविधान द्वारा आवास का अधिकार दिए जाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुकुमवासीयों को उनके निवास स्थान से हटाना अवैध है। उन्होंने सभी सुकुमवासीयों से सरकार के खिलाफ प्रतिरोध अभियान चलाने का आह्वान किया। सच्चाई और न्याय अभी कमजोर नजर आ रहे हैं, लेकिन अंततः सत्य की जीत होगी, इस आशा के साथ उन्होंने सभी में हिम्मत जगाई। ‘‘अधिकांश निरंकुश सरकारें चुनाव से ही उत्पन्न होती हैं, विश्वभर के इतिहास ने यह बात साबित की है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘जनविश्वास को अवमूल्यन करने वाली निरंकुश सत्ता को आधुनिक विश्व स्वीकार नहीं करता।’
उन्होंने कहा कि राज्य को अत्यावश्यक स्थिति के अलावा सुकुमवासीयों को जहां वे रहते हैं वहीँ का लालपुर्जा देना चाहिए। ‘‘राज्य की भूमि भी सुकुमवासीयों की भूमि है, जहां उन्होंने मेहनत और खोदखमता की है, वह भूमि उन्हें दी जानी चाहिए,’’ श्रेष्ठ ने कहा।