
सरकार की नई नीति: कृषि क्षेत्र में तकनीक और प्रशासनिक सुधार के उपायों की घोषणा
सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के नीति तथा कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में तकनीक और प्रशासनिक सुधार के नए कार्यक्रम पेश किए हैं। नीति में पहली बार पैकेज आधारित उत्पादन प्रणाली और एग्रीटेक के माध्यम से कृषि आधुनिकीकरण को तीव्र करने की घोषणा की गई है। रासायनिक उर्वरक कारखाने की योजना हटाकर जैविक उर्वरक को प्राथमिकता दी गई है और किसानों को सीधे बैंक खाते में भुगतान करने की व्यवस्था की जाएगी। २८ जेठ, काठमांडू।
सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के नीति तथा कार्यक्रम के जरिए कृषि क्षेत्र में ‘प्रौद्योगिकी’ और ‘प्रशासनिक सुधार’ के नए उपाय पेश किए हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को पढ़े गए नीति तथा कार्यक्रम में वैदेशिक रोज़गार से लौटे युवाओं को कृषि से जोड़ने और एग्रीटेक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने जैसे नए महत्वाकांक्षी पहल दिखाई गई हैं, लेकिन मूलतः पुराने कार्यक्रमों की ही अधिकता नजर आती है। चालू आर्थिक वर्ष को ‘कृषि में निवेश दशक’ के रूप में घोषित किया गया है, हालांकि सरकार ने कई रणनीतिक महत्व की योजनाओं जैसे कि उर्वरक कारखाने की योजना को इस बार नीति से बाहर किया है।
पैकज प्रणाली और एग्रीटेक के नए सूत्र – इस बार सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए पहली बार ‘पैकज आधारित उत्पादन प्रणाली’ का विचार प्रस्तुत किया है। यह पूर्व की नीतियों में नहीं था और एक नई विशेष रणनीति है। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए सरकार ने ‘एग्रीटेक के माध्यम से कृषि आधुनिकीकरण को तेज़ करने’ का संकल्प लिया है। युवा पलायन की समस्या को हल करने के लिए नीति के बिंदु नंबर १४ में कहा गया है, ‘विशेषीकृत उत्पादन क्षेत्र विकसित करके वैदेशिक रोजगार से लौटे जनसंपदा को कृषि उद्यम की ओर आकर्षित किया जाएगा।’
सीधे बैंक खाते में भुगतान और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ योजना को इस बार सबसे बड़ी घोषणाओं में रखा गया है। समर्थन मूल्य मिलने के बाद भी भुगतान में परेशानियों का सामना करने वाले किसानों के लिए सरकार ने वादा किया है, ‘समर्थन मूल्य के क्रियान्वयन और भुगतान प्रणाली को डिजिटल बनाकर रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।’ इसके साथ ही वित्तीय पहुँच के लिए पहली बार ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ और पहचान पत्र के माध्यम से सहूलियतपूर्ण वित्त की नई योजना भी लाई गई है।