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सुकुमवासी बस्ती हटाउने अभियानको विपक्षमा तिलोत्तमा नगलपालिका

तिलोत्तमा नगरपालिकाको भूमिहीन सुकुमवासी बस्ती हटाने अभियान के खिलाफ स्पष्ट रुख

रुपन्देही के तिलोत्तमा नगरपालिकानें संघीय सरकार द्वारा निर्धारित भूमि रहित या अनियमित बसे हुए समुदायों की बस्तियाँ हटाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया है। नगर प्रमुख रामकृष्ण खाण ने कहा कि भूमि रहित एवं अनियमित बस्तियों में रहने वाले लोगों को माप-जोख करके प्रमाणित जमीन के लालपुर्जे दिए जाने चाहिए। संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री बालेन शाह को सात बिंदुओं वाला ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल भूमि रहित सुकुमवासी लोगों को लालपुर्जा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। (29 वैशाख, बुटवल)

संघीय सरकार द्वारा निर्धारित आधारों के अनुसार भूमि रहित/अनियमित बसे हुए बस्तियाँ हटाने के फैसले के विरोध में रुपन्देही के तिलोत्तमा नगरपालिकानें यह स्पष्ट किया है कि वे इस कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। अव्यवस्थित बसे हुए, भूमि रहित और सुकुमवासी संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तुत सात बिंदुओं वाले ज्ञापन के बाद नगर प्रमुख रामकृष्ण खाण और उपप्रमुख जगेश्वरदेवी चौधरी ने एक स्वर में कहा कि संघीय सरकार ने ‘डोजर आतंक’ मचाया है जिसका वे विरोध करते हैं। नगर प्रमुख खाण ने कहा, ‘‘वर्तमान सरकार डर फैलाने का काम कर रही है और तिलोत्तमा नगरपालिकानें इसकी कट्टर विरोधी है। हम भूमि रहित और अनियमित बसे हुए लोगों को माप-जोख की गई जमीन के लालपुर्जा देने के पक्ष में हैं।’’

नगर प्रमुख खाण ने भूमि रहित/अनियमित बस्तियों के आंदोलन में नगरपालिकानें समर्थन देने की बात कही और सभी से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘आपके मांगों के प्रति हमारा पूरा समर्थन है, हम समस्याओं के समाधान के लिए चिंतित हैं और आवश्यकता पड़ने पर मांगों को पूरा करने से पीछे नहीं हटेंगे। वर्षों से बसे हुए परिवारों के घर-भूमि की रक्षा के लिए यह आंदोलन केवल कानूनी ही नहीं, मानवता का मामला भी है। यह लाखों परिवारों की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है, इसलिए पूरी नगरपालिका आपका साथ दे रही है।’’

नगर उपप्रमुख जगेश्वरदेवी चौधरी ने बताया कि पूर्व आयोगों द्वारा मापकृत जमीन के लालपुर्जे वितरण के लिए राजस्व संकलन की सूचना जारी होना बाकी है, लेकिन देशभर में डोजर आतंक के कारण लाखों लोगों में भय व्याप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार ने आंकड़े उपलब्ध कराने का परिपत्र जारी किया है, लेकिन अभी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ‘‘अन्य जगहों पर जब डोजर चलाए जाते हैं तो यहां भी आतंक जैसा माहौल बन जाता है, फिर भी हम इस नगर के निवासियों के पक्ष में हैं,’’ चौधरी ने कहा, ‘‘आप निश्चिंत रहें, हम आपको किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं देंगे।’’

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