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प्रधानमंत्री वालन्द्र शाह ‘बालेन’ के व्यवहार पर विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना, रास्वपा मौन

संसद्‌ में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को सरकार की नीति एवं कार्यक्रम सौंपते हुए प्रधानमंत्री वालन्द्र शाह 'बालेन'

तस्वीर स्रोत, House of Representatives

राष्ट्रपति द्वारा सोमवार को सरकार की नीति एवं कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाने के दौरान प्रधानमंत्री वालन्द्र शाह ‘बालेन’ के अचानक हटने की घटना पर हुई आलोचना ने काफी चर्चा बटोरी।

कई लोगों ने प्रधानमंत्री के इस व्यवहार को ‘अमर्यादित और संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ’ बताया और सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। कुछ ने आकस्मिक कारणों को देखते हुए प्रधानमंत्री को ‘संदेह का लाभ’ भी दिया।

लेकिन मंगलवार तक राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) या सरकार की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई। प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकारों और उनके दल के पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

पूर्व कानून न्याय और संसदीय मामलों की मंत्री शिवमाया तुम्बाहाम्फे संसद के नियमों और मर्यादाओं के पालन की बात कहती हैं और प्रधानमंत्री से उनका सम्मान करने की अपेक्षा करती हैं।

“राष्ट्रपति या अन्य कोई संबोधन कर रहा हो, उस समय प्रधानमंत्री या सांसदों को निकट होकर बिना वजह बाहर जाने की अनुमति नहीं होती। यह संसदीय प्रथा विश्व के कई देशों में अपनाई जाती है,” उन्होंने कहा।

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