
चिनी उद्योग संघ द्वारा घोषणा– चिनी की पर्याप्त उपलब्धता, कीमतों में वृद्धि नहीं होगी
नेपाल चिनी उद्योग संघ ने बताया है कि भारत द्वारा चिनी निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद नेपाल में चिनी की कमी नहीं होगी। संघ के अनुसार इस क्रसिंग सीजन में १३ चिनी उद्योगों ने लगभग १ लाख ९० हजार ८ सय ७० टन चिनी का उत्पादन कर लिया है। संघ ने अनावश्यक भंडारण न करने की सलाह देते हुए चिनी की उपलब्धता पर्याप्त होने के कारण कीमतों में तत्काल कोई वृद्धि न होने की स्पष्ट घोषणा की है।
१ जेठ, काठमांडू। भारत द्वारा चिनी निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के बावजूद नेपाल में चिनी की कमी नहीं होगी, यह बात नेपाल चिनी उद्योग संघ ने कही है। संघ ने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में देशी उद्योगों में पर्याप्त चिनी की उपलब्धता होने के कारण उपभोक्ताओं से चिंता न करने का अनुरोध किया है। संघ के अनुसार चालू क्रसिंग सीजन में संचालित १३ चिनी उद्योगों ने लगभग १ लाख ९० हजार ८ सय ७० टन चिनी का उत्पादन कर लिया है।
इनमें से २८ वैशाख तक के आंकड़ों के अनुसार उद्योगों के पास अब भी १ लाख ८ हजार टन चिनी उपलब्ध है। उद्योगों की स्टॉक के अलावा बाजार में व्यापारियों के पास लगभग २० हजार टन और इस वित्तीय वर्ष में आयात किए गए लगभग ६० से ७० हजार टन चिनी भी उपलब्ध है, यह जानकारी संघ ने दी है। इसके साथ ही खुली सीमा से भी चिनी का आयात जारी है, जिससे आगामी क्रसिंग सीजन तक नेपाल में चिनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी, ऐसा संघ का दावा है।
चिनी की पर्याप्त उपलब्धता के कारण संघ ने स्पष्ट किया है कि कारखाना स्तर पर चिनी की कीमतों में फिलहाल कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं होगी। विज्ञप्ति में कहा गया है, “देश में पर्याप्त मात्रा में चिनी उपलब्ध और स्टॉक होने के कारण कारखानों से कीमतों में तत्काल वृद्धि नहीं होगी।” अनावश्यक भंडारण न करने की सलाह देते हुए संघ ने कहा है कि भारत के निर्यात प्रतिबंध से बाजार में कृत्रिम अभाव पैदा हो सकता है, इसलिए संबंधित पक्षों से अनावश्यक चिनी भंडारण न करने का आग्रह किया गया है। संघ ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भारत के निर्णय से नेपाली बाजार में चिनी की आपूर्ति और उपलब्धता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।