
अर्घाखाँची का ‘रॉक गार्डेन’ पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो रहा है
९ जेठ, सन्धिखर्क। सन्धिखर्क नगरपालिका–११, डिभरना में स्थित प्राकृतिक चट्टानों की अनोखी दुनिया ‘रॉक गार्डेन’ वर्तमान में अर्घाखाँची का प्रमुख पर्यटक स्थल बनने की प्रक्रिया में है। सन्धिखर्क बाजार से करीब २० मिनट की यात्रा के बाद पहुंचा जा सकने वाला यह स्थान प्रकृति की कुदरत से नक्काशी की गई विशाल चट्टानों, पत्थरों के बाग जैसा फैले भू-आकृति, ठंडी और स्वच्छ हवा तथा मनमोहक मौसम के कारण आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। पहली बार रॉक गार्डेन पहुंचने वाले लोग चट्टानों की अनूठी बनावट देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। कहीं ये मानवीय कला का नमूना लगती हैं, तो कहीं योजनाबद्ध तरीके से सजे फूलबारी जैसी प्रतीत होती हैं, पर ये सभी पूरी तरह से प्राकृतिक रचना हैं।
सैकड़ों रोपनी क्षेत्र में फैला यह पत्थरों का जंगल आगंतुकों को रहस्य, सौंदर्य और शांति का अनुभव समान रूप से प्रदान करता है। बढ़ते पर्यटक आगमन के कारण रॉक गार्डेन धीरे-धीरे आंतरिक पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। जिले के विभिन्न हिस्सों से प्रतिदिन लोग यहाँ भ्रमण के लिए आने लगे हैं। स्वच्छ वातावरण, ठंडा मौसम और मनमोहक प्राकृतिक नजारे शहर की भीड़-भाड़ से दूर मानसिक ताजगी पाने का अवसर प्रदान करते हैं, स्थानीय लोगों ने बताया। ‘पर्यटकों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है,’ सन्धिखर्क नगरपालिका–११ के वडाध्यक्ष चेतनारायण आचार्य ने कहा, ‘हम इस प्राकृतिक अनुपम उपहार को और व्यवस्थित बनाने के लिए पूर्वाधार विकास पर जोर दे रहे हैं।’
नगरपालिका ने इस क्षेत्र को व्यवस्थित पर्यटक स्थल बनाने के लिए कई कार्य शुरु कर दिए हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय, विश्राम स्थल और मंदिर का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही दीर्घकालीन पर्यटन विकास की रणनीति भी तैयार की जा रही है। फोटोग्राफी और सूर्योदय रॉक गार्डेन के अन्य आकर्षक पहलू हैं, जहां से विशाल भू-दृश्य दिखाई देते हैं। यहाँ से न केवल सन्धिखर्क नगरपालिका का क्षेत्र दिखता है, बल्कि भूमिकास्थान नगरपालिका, मालारानी, पाणिनी और छत्रदेव गाउँपालिका के साथ-साथ पाल्पा और प्युठान जिलों के कुछ हिस्से भी आसानी से देखे जा सकते हैं। विशेष रूप से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है, जो प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों को आकर्षित करता है।
पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना के अनुसार स्थानीय युवा नारायण आचार्य ने कहा, “उचित प्रचार-प्रसार और संरक्षण के साथ रॉक गार्डेन नगर का प्रमुख पर्यटक स्थल बन सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “अभी अधिकांश पर्यटक जिले के अंदर से आते हैं, लेकिन यदि बाहरी जिलों तक इसकी पहचान पहुंचाई जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाएगा।” स्थानीय व्यवसायी डिलाराम भुसाल ने कहा, “लुम्बिनी और सुपा देउराली मंदिरों पर आने वाले पर्यटकों को सन्धिखर्क बाजार होते हुए अर्घा भगवती मंदिर और रॉक गार्डेन तक लाया जाए तो जिले के पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को सीधे लाभ मिलेगा।”
नगर प्रमुख कृष्णप्रसाद श्रेष्ठ के अनुसार खाँचीकोट भगवती मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर और अर्घा भगवती से रॉक गार्डेन तक जोड़ने वाला पर्यटन सर्किट योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा, “पर्यटन विकास के साथ स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना हमारा मुख्य लक्ष्य है।” सन्धिखर्क के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद खनाल ने कहा, “व्यापक प्रचार-प्रसार, संरक्षण और पूर्वाधार विकास में सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से रॉक गार्डेन अर्घाखाँची के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकीला स्थळ बनकर उभरेगा।”