Skip to main content
‘विदेशका दूतावासहरूमा समेत बयान र बकपत्र गराउने सुविधा दिनू’

‘विदेशी दूतावासों में बयान और साक्ष्य उपलब्ध कराने का आदेश’

सर्वोच्च न्यायालय ने विदेश में रह रहे नेपाली नागरिकों को संबंधित देश के नेपाली दूतावास या कूटनीतिक मिशन के माध्यम से मामला संबंधी बयान और साक्ष्य प्रदान करने की सुविधा उपलब्ध कराने निर्देश दिया है। न्यायालय ने प्रौद्योगिकी के विकास और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को न्याय प्रणाली में सीमित न रखने का स्पष्ट उल्लेख किया है। इस आदेश के बाद विदेश में रह रहे कारण नेपाल में लंबित मामलों के स्थगित होने की स्थिति समाप्त होगी और कानूनी प्रक्रिया प्रभावी रूप से आगे बढ़ेगी, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया है। १२ जेठ, काठमाडौँ।

सर्वोच्च न्यायालय ने विदेश में निवासरत नेपाली लोगों को दूतावास या कूटनीतिक कार्यालय में आकर नेपाल में चल रहे मामलों में बयान और साक्ष्य देने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। विशेष अदालत में विचाराधीन एक भ्रष्टाचार मामले में दिए गए आदेश के खिलाफ पुनरावलोकन में, सर्वोच्च अदालत ने विदेश स्थित नेपाली दूतावास और कूटनीतिक कार्यालयों में उपस्थित होकर बयान या साक्ष्य प्रदान करने वालों पर रोक लगाने से मना किया है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से विदेश में रहने वाले नेपाली नागरिकों के लिए नेपाल में चल रहे मामलों में भागीदारी करना सरल हो जाएगा।

आपराधिक मामलों में प्रतिवादी बनाये गए और वर्तमान में विदेश में रह रहे व्यक्तियों को भी मामले की प्रक्रिया में शामिल करने का मार्ग खुलेगा। नेपाल में अदालत के अतिरिक्त अन्य माध्यमों से अभियुक्तों के बयान और मामलों के गवाहों के साक्ष्य प्रदान करने की प्रथा पिछले कुछ वर्षों से चल रही है। विशेष अदालत समेत कुछ अदालती फैसलों में विदेश में स्थित कुछ वकीलों को बहस में भाग लेने की अनुमति भी मिल रही है। लेकिन, अब तक विदेश में रह रहे नेपाली नागरिकों को अदालत में बयान या साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग को उदारतापूर्वक स्वीकार करने की व्याख्या की है। हाल के समय में डिजिटल परिवर्तन तीव्र गति से हो रहा है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय ने सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को रोकने की बजाय इसे नियमबद्ध करने का निष्कर्ष निकाला है। न्यायाधीश हरि फुयाल और बालकृष्ण ढकाल की संयुक्त पीठ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग से भौगोलिक सीमाएं घट रही हैं और न्याय प्रशासन में उसके उपयोग से नेपाल की अदालतों में सकारात्मक सुधार होगा।’

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ