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सम्पत्ति विवरण प्रस्तुत करने वाले केवल 600, जांच के दायरे में 35 हजार

नेकपा एमाले केन्द्रीय संगठन विभाग के द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में 'सदस्यता नवीनीकरण एवं विस्तार प्रेरणा' विषयक उद्घाटन सत्र में बोलते हुए एमाले अध्यक्ष एवं पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

तस्वीर स्रोत, RSS

तस्वीर की कैप्शन, पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जनजूनार आंदोलन के दौरान अपने घर में आगजनी की घटना का हवाला देते हुए कहा है कि वे संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने के पक्ष में नहीं हैं।

सरकार द्वारा गठित संपत्ति जांच आयोग में अब तक केवल 600 लोगों ने ही संपत्ति विवरण प्रस्तुत किया है।

आयोग द्वारा जारी किए गए एक महीने के भीतर संपत्ति विवरण जमा करने की सूचना की अवधि समाप्त होने के करीब है, जिससे सरकारी कार्यालयों और बैंकों में पूर्वकर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

आयोग ने २०६२/६३ साल से सार्वजनिक पदों पर रहने वाले राजनेताओं एवं उच्च पदस्थ कर्मचारियों से संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। गुरुवार तक करीब 600 लोगों ने विवरण दिए जबकि लगभग 400 शिकायतें भी दर्ज हुई हैं, आयोग के प्रवक्ता गणेश केसी ने बताया।

आयोग ने २०६२/६३ साल के बाद प्रधानमंत्री, मंत्री, सांसद, स्थानीय सरकार प्रमुख और उपाध्यक्ष, सरकारी नियुक्त पदाधिकारी, संवैधानिक निकाय के अधिकारी तथा उच्च ओहदों पर कार्यरत कर्मचारियों से भी संबंधित एक महीने के भीतर संपत्ति विवरण देने का निर्देश दिया था।

आयोग के एक वर्ष के कार्यकाल के भीतर संपत्ति विवरण जमा करने की अंतिम तिथि जेठ महीने के अंत तक है।

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