
गर्भावस्था में कठिन योगाभ्यास करती भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
गर्भावस्था के अंतिम चरण में कठिन योगाभ्यास कर रही एक भारतीय महिला सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। उनके द्वारा किए गए ये कठोर योगासन गर्भावस्था के दौरान कितने सुरक्षित हैं, इस विषय पर विवाद जारी है। बेंगलुरु की यह महिला अपनी गर्भावस्था के 40वें सप्ताह में हैं। उन्होंने मात्र दो दिन पहले भी योग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। वह नियमित रूप से गर्भावस्था के दौरान योग के फोटो और वीडियो शेयर करती रहती हैं।
उनकी चर्चा पिछले सप्ताह से शुरू हुई, जब उन्होंने साड़ी पहनकर योग करते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। इन सामग्रियों में उन्होंने कठिन योगासन भी प्रदर्शन किए। 39वें सप्ताह में प्रवेश करते हुए उन्होंने अपने अनुभव भी व्यक्त किए। इसके बाद इस विषय पर बहस छिड़ गई कि “गर्भावस्था के ऐसे चरण में कठिन योगाभ्यास करना उचित है या नहीं?” शशि प्रभा द्विवेदी नामक यह महिला पेशे से योग प्रशिक्षक और व्यवसायी हैं।
उनके ये फोटो और वीडियो लाखों व्यूज और हजारों प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुके हैं। कई लोगों ने इस गर्भावस्था के दौर में उन्नत योगासन करने को जोखिमपूर्ण बताया और बच्चे की सुरक्षा के लिए सावधानी रखने की सलाह दी। वहीं कुछ लोग उन्हें साहसी महिला के रूप में भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। गर्भावस्था में शारीरिक व्यायाम आवश्यक होता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कठिन योगासन सभी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं होते।
गर्भावस्था के अंतिम चरण में शरीर के संतुलन में परिवर्तन आता है। अत्यधिक झुकाव, संतुलन बनाए रखने या पेट पर अधिक दबाव पड़ने वाले योगासन जोखिम बढ़ा सकते हैं, ऐसा विशेषज्ञों का सुझाव है। इसलिए विशेषज्ञ महिलाओं को हल्का व्यायाम करने और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए योग शिक्षक एवं चिकित्सक की सलाह लेकर योग अभ्यास करने की सलाह देते हैं। साथ ही वे सोशल मीडिया पर बिना सोच-समझे किसी भी अनुकरण को जोखिमपूर्ण मानते हैं। गर्भावस्था में नई फिटनेस विधि या दिनचर्या अपनाने के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना अनिवार्य बताया गया है।