नर्वे और इराक ने विश्वकप में दोबारा किया प्रवेश, केंद्र बिंदु एर्लिंग हालैंड
२ असार, काठमाडौं । वर्तमान विश्व फुटबाल के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकरों में से एक एर्लिंग ब्रांट हालैंड हैं। क्लब फुटबाल में गोल करने वाली मशीन के रूप में प्रसिद्ध हालैंड का फिफा विश्वकप में खेलने का सपना साकार होने जा रहा है। हालैंड सहित नर्वे टीम ने २८ वर्षों बाद फिफा विश्वकप में पुनः प्रवेश किया है। समूह I में शामिल नर्वे ने इराक के साथ होने वाले मुकाबले में हालैंड विश्वकप में अपना डेब्यू करेंगे। इस मैच में सभी की निगाहें खासकर हालैंड पर टिकी होंगी। हालैंड ने Borussia Dortmund से लेकर Manchester City तक अपनी गोल करने की क्षमता दिखा रखी है और वे फिफा विश्वकप में भी इसी स्तर का प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखते हैं।
नर्वे और इराक दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला पुनरागमन का उत्सव होगा। नर्वे १९९८ के बाद पहली बार विश्वकप के मुख्य चरण में चुना गया है, जबकि इराक १९८६ के मैक्सिको विश्वकप के बाद ४० वर्ष बाद विश्वकप में वापसी कर रहा है। फिफा रैंकिंग में नर्वे ३१वें और इराक ५७वें स्थान पर है। नर्वे ने यूरोपीय क्वालीफाइंग में सर्वाधिक ३७ गोल करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। यह नर्वे की चौथी बार विश्वकप में उपस्थिति होगी। ‘दी लायंस ऑफ मेसोपोटामिया’ के नाम से परिचित इराक दूसरी बार विश्वकप में खेल रहा है और पहला जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा। १९८६ के विश्वकप में इराक ने अपने सभी तीन ग्रुप मैच गंवाए थे। इराक ने इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में बोलिविया को २-१ से हराकर इस संस्करण के विश्वकप में जगह बनाई है। फ्रांस और सेनेगल जैसे मजबूत टीमों वाले समूह I को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जाता है। इसलिए विश्वकप में दोनों टीमें अपनी वापसी को सुखद परिणाम के साथ शुरू करना चाहती हैं। नर्वे और इराक के बीच मुकाबला बोस्टन स्टेडियम में नेपाली समयानुसार बुधवार सुबह पौने ४ बजे शुरू होगा।