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सुकी के अज्ञात नजरबंद की पहेली

१८ असार, काठमांडू। म्यान्मा की अपदस्थ नेता आंग सान सुकी को सैन्य सरकार द्वारा राजधानी न्यापिडो में नजरबंद रखा गया है, लेकिन उनकी वास्तविक लोकेशन अभी भी रहस्यमय बनी हुई है।

सामरिक तख्तापलट के बाद २०२१ में सार्वजनिक रूप से नज़र न आने वाली ८१ वर्षीय सुकी के ठिकाने के बारे में सैन्य अधिकारी, राजनेता और राजधानी के स्थानीय निवासी भी अनजान हैं।

सैन्य शासक मिन आंग ह्लाइंग ने इस साल अप्रैल में सुकी को न्यापिडो जेल से नजरबंद करना दया का कदम बताया था, लेकिन आलोचक कहते हैं कि उन्हें अभी भी कठोर निगरानी के तहत अज्ञात स्थान पर रखा गया है, जो केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव कम करने का प्रयास है।

न्यापिडो लगभग १० लाख की आबादी वाला बड़ा नियोजित राजधानी शहर है। यहाँ जंगल, धान के खेत और चौड़े बहुलेन सड़कें सरकारी परिसरों के बीच फैली हुई हैं।

शहर की संरचना सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए बनाई गई है, जिससे किसी के ठिकाने की पहचान करना कठिन हो जाता है, विशेषज्ञों का कहना है।

सैन्य समर्थक यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी) के नेता थेइन तुन ओओ ने भी स्वीकार किया है कि उन्हें पता नहीं है कि सुकी कहां हैं।

सन् २००५ में तत्कालीन सैन्य शासक थान श्वे ने राजधानी न्यापिडो को राजनीतिक विद्रोह और बाहरी हस्तक्षेप से सत्ता की रक्षा के लिए विकसित कराया था।

विशाल संसद भवन, खाली पड़ी सड़कों, मोबाइल इंटरनेट ब्लॉकिंग सिस्टम और कड़े सुरक्षा इंतजामों ने शहर को बाहरी दुनिया से अलगाव का अहसास कराया है, उनका कहना है।

कोलंबिया विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर और वास्तु विशेषज्ञ गालेन पार्डी के अनुसार, न्यापिडो का डिजाइन पारंपरिक शहर नियोजन से अलग और राजनीतिक नियंत्रण आधारित है।

स्थानीय लोग भी कई जगहों को अपरिचित बताते हैं और सुकी के कमरे का अनुमान लगाना भी मुश्किल बताते हैं।

सुरक्षा कारण से नाम न छापने वाली एक स्थानीय महिला ने बताया कि शहर की कई सड़कें अभी भी उलझन में हैं और सुकी के असली ठिकाने के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है।

स्वतंत्रता सेनानी आंग सान की बेटी सुकी ने १९८८ में म्यान्मा लौटकर लोकतंत्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

फिर वे कई वर्षों तक नजरबंद रहीं। सन् १९९१ में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया। बाद में सैन्य शासन ने सीमित लोकतांत्रिक व्यवस्था में उन्हें शासन करने दिया, लेकिन सन् २०२१ के सैनिक तख्तापलट के बाद पुनः गिरफ्तार किया गया।

तब से अधिकारवादी समूह सुकी को राजनीतिक कारणों से आरोपित कर कैद में रखने की आलोचना कर रहे हैं।

सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि सुकी को नजरबंद तो किया गया है, लेकिन उन्हें किस क्षेत्र में रखा गया है यह ज्यादातर सुरक्षा अधिकारियों को भी पता नहीं है।

सुकी के बेटे किम एरिस ने लंदन से एक मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी मां को घर जैसी सुविधाओं वाले ठिकाने पर नहीं, बल्कि निजी जेल समान जगह पर रखा गया है।

उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति पिछले नजरबंदी के अनुभव से ज्यादा अलग नहीं है।

इसी बीच सुकी के दल को चुनाव से बाहर रख कर सम्पन्न कराए गए चुनावों के बाद सैन्य समर्थित यूएसडीपी सत्ता में पहुंच गई है।

यूएसडीपी के सांसद आय चान ने दावा किया कि सुकी का राजनीतिक युग समाप्त हो चुका है और वे रिहा हों तो भी राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पाएंगी। हालांकि उन्होंने भी नहीं बताया कि सुकी कहां हैं।

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