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दिल्ली उच्च न्यायालय ने ध्रुव राठी के वीडियो हटाने पर 15 दिनों में निर्णय देने के निर्देश दिए

19 आषाढ़, काठमाडौं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (जीएसी) को यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो को हटाने के संबंध में 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। उस वीडियो में भगवान राम, सीता और भगवान कृष्ण द्वारा मांस और मदिरा सेवन करने का कथित दावा किया गया है। शिकायत अपीलीय समिति (जीएसी) केंद्र सरकार द्वारा गठित एक निकाय है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन मध्यस्थताओं से प्राप्त ऑनलाइन सामग्री या खातों के विरुद्ध की गई शिकायतों पर फैसले के खिलाफ प्रस्तुत अपीलों की सुनवाई करती है।

कानूनी मामलों की खबरें और विश्लेषण करने वाली वेबसाइट ‘बार एंड बेंच’ के अनुसार, न्यायाधीश स्वर्णकांत शर्मा ने जीएसी को 15 दिनों के भीतर अपना निर्णय लेकर अदालत को सूचना देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, “यदि इस आदेश का उल्लंघन किया गया तो अदालत इसे गंभीरता से लेगी।” यह आदेश अधिवक्ता अमिता सचदेव की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। सचदेवा ने ध्रुव राठी द्वारा 21 मार्च 2026 को यूट्यूब पर अपलोड किए गए ‘Can Hindus Eat Beef: Kerala Story 2 Exposed’ शीर्षक वाले वीडियो पर आपत्ति जताते हुए याचिका दायर की थी। उस वीडियो में ध्रुव राठी ने भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण जैसे पूजनीय पात्रों के बारे में मांस और मदिरा सेवन का गलत दावा करने का आरोप याचिका में लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि इस कार्य से हिंदू आस्था का अपमान हुआ है और करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

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