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कप्तान रोहित ने कहा – परिस्थितियों को दोष नहीं दिया जा सकता, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण कमजोर दिखे

नेपाली क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित पौडेल ने बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण और खेल के प्रति मनोबल कमजोर होने के कारण श्रृंखला हारने को स्वीकार किया है। रोहित ने बताया कि विदेशी परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजों द्वारा तेज गेंद (शॉर्ट बॉल) का सामना न कर पाना मुख्य कमजोरी रही। टीम अब अक्टूबर में ओमान और कनाडा के खिलाफ अंतिम श्रृंखला में बेहतर प्रदर्शन कर ओडीआई मान्यता बनाए रखने का लक्ष्य रखती है। १५ साउन, काठमांडू।

नेपाली ओडीआई क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित पौडेल ने नीदरलैंड्स के दौरे में चारों मैच हारने का मुख्य कारण केवल विदेशी परिस्थितियॉं ही नहीं बल्कि बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण और खेल के प्रति मनोबल की कमी को स्वीकार किया है। क्रिकेट विश्व कप लीग २ के अंतर्गत नीदरलैंड्स और नामीबिया के खिलाफ श्रृंखला में नेपाल ने तीनों मैच गंवाए, जिसके बाद शुक्रवार को स्वदेश लौटे रोहित ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर संवाददाताओं से बात करते हुए हार की जिम्मेदारी से भागने से इनकार किया।

‘परिस्थिति एक कारण है। लेकिन इसे सिर्फ बहाना बनाना उचित नहीं है,’ रोहित ने कहा, ‘हमने बल्लेबाजी में जिस तरह का खेल दिखाना था, वह नहीं कर सके। खेल के प्रति लगाव भी नजर नहीं आया। मुझे लगता है कि इसी कारण हम पीछे रह गए।’ उनके अनुसार गेंदबाजी इकाई ने अपनी अपेक्षा के अनुसार प्रदर्शन किया था। लेकिन बल्लेबाजी के साथ ही क्षेत्ररक्षण भी टीम के स्तर के अनुरूप नहीं होने से परिणाम अपने पक्ष में नहीं ला सके।

‘गेंदबाजी इकाई के मामले में हम अच्छे थे, लेकिन बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण दोनों में कमजोरी दिखी। एक ही मैच में दो-तीन मुख्य कैच छूट गए। उन बल्लेबाजों ने बाद में ७०-८० रन बनाकर मैच जीताया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसी छोटी गलतियों की कीमत बहुत बड़ी होती है,’ उन्होंने कहा। रोहित ने विदेशी विकेट पर खेलने की शैली में बदलाव न कर पाने को भी कमजोरी माना। नेपाल के घरेलू विकेट और यूरोपीय परिस्थितियों के बीच बड़ा फर्क होने के कारण वे उसी के अनुसार ढल नहीं पाए, उनका कहना था।

‘हमारे घरेलू विकेट से बाहर की पिच अलग होती है। उसके अनुसार खेलना नहीं आ पाया। इसे स्वीकार कर सुधार करना जरूरी है,’ उन्होंने कहा। पूरी श्रृंखला में विरोधी टीम के तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट लेंथ की गेंदें फेंकीं, जिनका सामना करने में नेपाल के कई बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। रोहित ने भी शॉर्ट बॉल के खिलाफ टीम का उम्मीद के अनुसार खेल नहीं दिखाने को स्वीकार किया। ‘वे लगातार शॉर्ट गेंदों पर निशाना साध रहे थे। अगर हम उसे ठीक से संभाल पाते, तो परिणाम अलग हो सकता था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना है तो ऐसी चुनौतियों को स्वीकार कर उसके अनुसार खेलना होगा,’ उन्होंने कहा।

पहले मैच में उन्होंने और दीपेन्द्रसिंह ऐरी ने अच्छी साझेदारी शुरू की थी, लेकिन उसे बड़ी पारी में बदल न पाने के कारण नेपाल को नुकसान हुआ, रोहित ने बताया। ‘पहले मैच में अच्छा मौका था। उसे यदि हम कंट्रोल कर पाते तो कुछ अतिरिक्त रन बनते। वो स्कोर २१०-२२० तक पहुँचता तो विरोधी टीम के लिए पीछा करना कठिन होता,’ रोहित ने कहा। श्रृंखला के अंतिम मैच में स्टार लेग स्पिनर सन्दीप लामिछाने को बाहर रखने का निर्णय कठिन था, लेकिन टीम के संतुलन के लिए ऐसा करना पड़ा, उन्होंने स्पष्ट किया।

‘सन्दीप जी को बाहर रखना बहुत कठिन निर्णय था। लेकिन टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला करना पड़ा। सभी ने टीम को प्राथमिकता देते हुए इस निर्णय को स्वीकार किया,’ उन्होंने कहा। चार हार के साथ लीग २ की अंक तालिका में नेपाल के टॉप ४ में आने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। अब नेपाल शीर्ष ६ में रहते हुए ओडीआई मान्यता बनाए रखने का लक्ष्य रखेगा। अक्टूबर में होने वाली अंतिम श्रृंखला में ओमान और कनाडा के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए नेपाल को एकदिवसीय मान्यता बचानी होगी। रोहित के मुताबिक अब पूरी टीम का ध्यान इसी अंतिम श्रृंखला पर होगा।

‘हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य अभी एकदिवसीय मान्यता बचाना है। यदि अंतिम श्रृंखला में अच्छा परिणाम मिल गया तो यह नेपाल क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि होगी,’ उन्होंने कहा। समर्थकों की निराशा पर भी उन्होंने दुःख जताया। ‘समर्थकों से ज्यादा हम खुद निराश हैं। उनकी उम्मीदें पूरी नहीं कर सके। अगले श्रृंखला में अधिक मेहनत कर बेहतर परिणाम लाने की कोशिश करेंगे,’ रोहित ने कहा।