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सरकार ने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन सुधार के लिए कार्यान्वयन योजना तैयार की

सरकार ने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन सूचना प्रणालियों के स्तरोन्नति को चालू वित्तीय वर्ष के भीतर पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ तीसरी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधार राष्ट्रीय रणनीति को कार्यान्वित किया है। तीन स्तरों की सरकारों के संचयी कोष की दैनिक रिपोर्ट स्वतः प्राप्त होने की व्यवस्था और सभी विदेशी सहायता को बजट प्रणाली में सम्मिलित करने की नीति भी इस वर्ष के भीतर बनाई जाएगी। आयोजना बैंक की स्थापना और खरीद नियमावली के संशोधन के माध्यम से सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को और अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीकी-सहायक बनाने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। २० साउन, काठमांडू।

सरकार ने अंतरमंत्रालय बजट सूचना प्रणाली (एलएमबीआईएस), स्थानीय तह संचयी कोष प्रबंधन प्रणाली (सुत्र) सहित मौजूदा सार्वजनिक वित्त प्रबंधन सूचना प्रणालियों के स्तरोन्नति को चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही पूरा करने के लिए समयसीमा निर्धारित की है। सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करते हुए एकीकृत और स्वचालित प्रणाली के विकास का कार्य भी चालू वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा होगा, जिसे अर्थ मंत्रालय द्वारा तैयार की गई तीसरी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधार राष्ट्रीय रणनीति (२०८२–८७) कार्यान्वयन कार्ययोजना में उल्लेख किया गया है।

बजट की विश्वसनीयता, बजट कार्यान्वयन और रिपोर्टिंग, राजस्व प्रबंधन, अंतरसरकारी वित्तीय प्रबंधन, ऋण एवं वित्तीय जोखिम प्रबंधन, परिसंपत्ति प्रबंधन, बाह्य निगरानी तथा पारदर्शिता और जवाबदेही के सात रणनीतिक स्तंभ निर्धारित कर कार्यान्वयन योजना बनाई गई है। इस योजना में सुधार की प्राथमिकताएँ, अपेक्षित परिणाम और दीर्घकालीन सुधार के मार्गदर्शन का स्पष्ट चित्र प्रस्तुत किया गया है। मंत्रालय के अनुसार इस कार्ययोजना से सुधार गतिविधियों का स्पष्ट कार्यान्वयन मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।