
‘काठमांडू विश्वविद्यालय को दक्षिण एशिया में विशिष्ट पहचान दिलाने की योजना’
काठमांडू विश्वविद्यालय के उपकुलपति के रूप में प्रो. डॉ. विवेक बराल को नियुक्त किया गया है। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र बराल विद्यार्थी और प्राध्यापक के बाद उपकुलपति की जिम्मेदारी संभालने वाले पहले व्यक्ति बने हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाते हुए अनुसंधान और तकनीकी मित्रता वाले प्रशासन पर जोर देने की योजना सार्वजनिक की है।
बराल ने कहा, “यह मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि काठमांडू विश्वविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों को दिए अवसर और संस्कृति की सफलता है।” उन्होंने छात्र जीवन में विश्वविद्यालय के शैक्षिक माहौल और संस्कृति को नजदीक से अनुभव किया है और उसी विश्वविद्यालय में अध्यापन, अनुसंधान तथा प्रशासन की जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने उपकुलपति पद ग्रहण करके विश्वविद्यालय को और मजबूत बनाने, इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए उत्कृष्ट विश्वविद्यालय बनाने की जिम्मेदारी के रूप में लिया है।
बराल ने कहा कि काठमांडू विश्वविद्यालय का आकार, पहुंच और कार्यक्रमों का विस्तार हुआ है, “लेकिन विस्तार के साथ चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं।” उन्होंने विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में टिकने योग्य, प्रभावशाली अनुसंधान करने वाला और देश के विकास में प्रत्यक्ष योगदान देने वाला बनाना आवश्यक बताया।
उन्होंने शैक्षिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवप्रवर्तन पर ध्यान देने, अंतरराष्ट्रीयकरण और डिजिटल रूपांतरण के लिए योजनाएं बनाई हैं। बराल ने कहा, “मेरा लक्ष्य काठमांडू विश्वविद्यालय को न केवल नेपाल में बल्कि दक्षिण एशिया में विशिष्ट पहचान बनाने वाला विश्वविद्यालय बनाना है।”