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जेन जी आन्दोलन के पीड़ितों की मांगों को सरकार की प्राथमिकता, शहीद और घायल परिवारों की प्रतिक्रिया क्या है?

गृहमंत्री और कानून मंत्री के समक्ष अपनी बातें रख रहे जेन जी आंदोलन के पीड़ित पक्ष

तस्बिर स्रोत, Badal Rai/Facebook

पिछले वर्ष भाद्र २३ को जेन जी आंदोलन के दौरान संसद भवन के सामने घायल हुए बादल राय ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अब तक उनकी मांगों को पूरा न किए जाने पर असंतोष जताया। वे सिविल अस्पताल में उपचाराधीन थे।

हालांकि सरकार कुछ कमजोरियों के कारण पूर्व सहमतियों को लागू नहीं कर पाई है, पर वे लोग भविष्य के प्रति आशावादी हैं।

सोमवार को गृहमंत्री सुधन गुरुङ, कानून मंत्री सोविता गौतम, संघीय संसद के कुछ सांसदों और सरकार के मुख्य सचिव तथा गृह सचिव के साथ जेन जी आंदोलन के शहीद और घायल परिवारों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई।

बैठक में उन्होंने पिछली सहमति में कुछ असंतोष व्यक्त करते हुए बाकी बचे कार्यान्वयन को प्राथमिकता दिए जाने की मांग की।

पूर्व अंतरिम सरकार ने मंसिर २४ को जेन जी आंदोलन के शहीद और घायल परिवारों की मांगों के समाधान के लिए १० बिंदुओं का समझौता किया था।