
रूस को सहायता करने का ट्रंप का एलान, प्रयोगशाला में ‘न्यूमोनिक प्लेग’ संक्रमण का खतरा
21 असोज, काठमाडौं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साइबेरिया के एक प्रयोगशाला में संभावित ‘न्यूमोनिक प्लेग’ संक्रमण पाए जाने के बाद अमेरिका की ओर से रूस को आवश्यक सहायता देने का ऐलान किया है। हालांकि इस मुद्दे पर उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे संवाद न होने की बात साफ़ की है। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘हमें अभी-अभी इस मामले की जानकारी मिली है। हम उनकी सहायता करेंगे—जहां तक संभव होगा।’
एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने कहा कि पहले ऐसे रोग नियंत्रण में आसानी से थे, लेकिन अब सूक्ष्मजीव और जीवाणु अधिक मजबूत हो रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि न्यूमोनिक प्लेग की शुरुआती अवस्था में पहचान हो जाने पर एंटीबायोटिक्स से उपचार संभव है।
इरकुत्स्क में स्थित ‘रिसर्च एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट ऑफ साइबेरिया’ में कार्यरत 28 वर्षीय प्रयोगशाला तकनीशियन दार्या सिपिलोवा की रहस्यमय मौत के बाद यह चिंता बढ़ी है। सितंबर 25 को प्रयोगशाला में काम करते समय ‘यर्सिनिया पेस्टिस’ नामक प्लेग के बैक्टीरिया से भरे टेस्ट ट्यूब टूट जाने से वह संक्रमित हुई थीं, स्थानीय और स्वतंत्र मीडिया ने बताया है। सिपिलोवा 29 सितंबर को अस्पताल भर्ती हुई थीं और 2 अक्टूबर को उनका निधन हो गया।
रूसी जन स्वास्थ्य एजेंसी ‘रोस्पोट्रेब्नाड्ज़ोर’ ने सिपिलोवा की मृत्यु की वजह ‘अज्ञात कारण का न्यूमोनिया’ (न्यूमोनिया ऑफ अननोन एतियोलॉजी) बताई है। जांच में उनकी मौत का प्रयोगशाला के बैक्टीरिया से कोई संबंध नहीं पाया गया है और संस्थान में कोई दुर्घटना नहीं हुई, रूसी पक्ष ने स्पष्ट किया है। सतर्कता के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने अस्पताल के कुछ विभाग बंद कर दिये हैं और सिपिलोवा के संपर्क में आए लगभग 197 लोगों को चिकित्सा निगरानी और क्वारंटाइन में रखा है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक अन्य लोगों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिखे हैं।