
क्या चाँदी से अचार बनता है? इसकी कीमत अत्यंत महंगी है
तस्वीर : एआई निर्मित। यह अचार आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है और प्राचीन काल में राजा महाराजाओं द्वारा इसे सेवन किया जाता था। मूल्य में आए उतार-चढ़ाव के कारण आजकल सुनहरे और चाँदी के लिए चर्चा रोजाना होती है। आमतौर पर ये महंगे धातु आभूषण बनाने में उपयोग किए जाते हैं। यह बात प्रचलित है कि राजा महाराजा और धनी लोग सुन और चाँदी के बर्तनों में भोजन करते हैं। लेकिन यह बात नई हो सकती है कि चाँदी से अचार भी बनाया जाता है। विश्व के कई हिस्सों में चाँदी के अचार बनाने की परंपरा है, विशेषकर भारत के जयपुर में। यह कोई सामान्य किचन में बनने वाला अचार नहीं है, बल्कि इसे पारंपरिक शाही भोजन के रूप में तैयार किया जाता है। धनवान लोग इसे खास मेहमानों और विदेशी पर्यटकों के लिए व्यंजन में शामिल करते हैं।
हाल के दिनों में भारत के रियलिटी शो ‘मास्टरशेफ’ ने चाँदी के अचार को चर्चा में लाया है। शो में जयपुर की चारु सोनी ने चाँदी की अचार बनाकर पेश किया था। बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी की उपस्थिति में उन्होंने यह अचार बनाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें एक वैद्य से जानकारी मिली है। सोनी के अनुसार इसका इतिहास राजस्थान के राजा महाराजाओं से जुड़ा है। इसे विशेष अवसरों पर प्रयोग किया जाता था और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इसे अत्यंत लाभकारी माना जाता था। प्राचीन काल में विशेष चटनी को राजा महाराजा और राजपरिवार की सेहत और शक्ति बढ़ाने के लिए वैद्य बनाते थे। इस अचार में सुन और चाँदी के भस्म के साथ बादाम, किशमिश और अन्य सूखे मेवे मिलाकर तैयार किया जाता था। आज के समय में इसे आधुनिक तरीके से मिश्रित कर बनाया जाता है। सोनी के मुताबिक एक किलो अचार बनाने में 60 से 70 हजार भारतीय रुपए खर्च आते हैं। यह बाजार में सामान्य रूप से नहीं मिलता, केवल विशेष शाही समारोहों में ही इसे बनवाया जाता है।