
पासपोर्ट संशोधन विधेयक पर विरोध और सत्तापक्ष के सांसदों की चिंता
संसद में चर्चा के अंतर्गत पासपोर्ट कानून में संशोधन करने वाले विधेयक को लेकर राष्ट्रीय स्वातंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने को लाभ मिलने की आशंका व्यक्त की गई है। विपक्षी दल के एक सांसद ने यह चिंता जताई है कि यह विधेयक कुछ मामलों में आपराधिक अभियोग हटाने की दिशा में जा सकता है। सत्तापक्ष के एक अन्य सांसद ने भी विधेयक पर आपराधिक मामलों को हटाए जाने के संबंध में चिंता प्रकट की है। नेपाली कांग्रेस के सचेतक निश्कल राई ने बताया कि पासपोर्ट दुरुपयोग के मामलों में जेल की सजा समाप्त करने संबंधी अधिक महत्व के प्रावधानों को लेकर संशोधित विधेयक में चिंता है। राई ने अदालत में विचाराधीन पासपोर्ट दुरुपयोग मामलों का जिक्र किया, हालांकि उन्होंने रवि लामिछाने का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। उन्होंने कहा, “सत्तापक्ष के अध्यक्ष सहित अन्य व्यक्तियों को भी इससे लाभ पहुंचने की आशंका है।”
राई ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में कहा, “पासपोर्ट का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण और जटिल है, जिसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता और विशिष्ट व्यक्तियों के खिलाफ भी पासपोर्ट के मुद्दे पर सवाल उठे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पासपोर्ट दुरुपयोग के मामले अदालत तक पहुंचे हैं, यह मैं यहां याद दिलाना चाहता हूं।” अमेरिकी पासपोर्ट रखने के बावजूद झूठे जानकारी दे कर नेपाली पासपोर्ट लेने के आरोप में रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने के ऊपर जांच हो चुकी है। लेकिन महान्यायालय कार्यालय ने इस मामले में मुकदमा न चलाने का निर्णय लिया था, जिसका विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका विचाराधीन है।
सांसदों द्वारा व्यक्त चिंता में यह व्यवस्था है: वर्तमान पासपोर्ट अधिनियम की धारा २२ के अनुसार झूठी जानकारी देकर पासपोर्ट लेने पर १ से ३ वर्षों तक कारावास या २ से ५ लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों दंड का प्रावधान है। लेकिन संसद में प्रस्तुत विधेयक में झूठी जानकारी देने पर कारावास की सजा को समाप्त कर दिया गया है। विधेयक में इस तरह के आरोप पर १ लाख से २ लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने और इसका भुगतान पासपोर्ट विभाग के महानिदेशक द्वारा किया जा सकने का प्रस्ताव है, जिस पर संसद में चिंता जताई गई है।