
ट्रम्प ने एआई प्रौद्योगिकी के नियमन के लिए स्वैच्छिक समझौता की घोषणा की
१४ असोज, काठमाडौं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जोनसन ने तकनीकी क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तियों के साथ चर्चा के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रणाली के नियमन, समीक्षा और पारदर्शिता के लिए एक स्वैच्छिक समझौते की घोषणा की है। इस समझौते के अंतर्गत एआई प्रौद्योगिकी की सुरक्षा और जोखिम नियंत्रण की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों को सौंपी गई है। प्रमुख एआई कंपनियों ने फ्रंटियर मॉडल के प्रशिक्षण और संचालन के दौरान आंतरिक जोखिम समीक्षा, बाहरी ऑडिट और बहुस्तरीय नियंत्रण प्रणाली अपनाने का प्रतिबद्धता जताई है।
ट्रम्प ने इस समझौते को ‘नैतिक रूप से बाध्यकारी’ (मोरली बाइंडिंग) बताते हुए कहा कि कंपनियों के बीच निगरानी व्यवस्था न होने पर स्व-नियमन प्रभावी साबित नहीं होगा। उन्होंने ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (एआई) शब्द को बदलकर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (एसआई) नाम देने का निर्णय भी किया है। उन्होंने ‘इनऑग्युरेटिंग द एरा ऑफ सुपर इंटेलिजेंस’ शीर्षक वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर अमेरिकी सरकारी संस्थानों में एआई के स्थान पर ‘एसआई’ शब्द के प्रयोग का निर्देश दिया है।
उनके अनुसार यह प्रौद्योगिकी इंटरनेट से भी बड़ी है। व्हाइट हाउस में हुई बैठक से पहले एन्थ्रोपिक, ओपनएआई, और गूगल जैसी अग्रणी एआई लैब्स ने प्रौद्योगिकी के परीक्षण और ऑडिटिंग में सहयोग के लिए आंतरिक रणनीतियां तैयार की थीं। एआई क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने सरकारी नियमन की कमी के कारण कंपनियों की अपनी स्व-नियमन पर निर्भरता को सुरक्षा चुनौतियों को पूरी तरह से हल न कर पाने वाला बताया है। ट्रम्प अगले तीन से चार दिनों में नए ‘एआई जार’ के चयन की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए राष्ट्रीय गुप्तचर निदेशक जे क्लेटन का नाम सुझाव के तौर पर रखा गया है।