
सरकारी वकिल कार्यालय सीआईबी की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है
२१ असोज, काठमाडौँ । अखिल नेपाल फुटबल संघ (एन्फा) के भीतर खेल मिलेमतो और ठगी से संबंधित मामले की जांच कर रही केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का सरकारी वकिल कार्यालय अध्ययन कर रहा है। सीआईबी ने बुधवार को एन्फा अध्यक्ष पंकजविक्रम नेम्वाङ, महासचिव किरण राई समेत चार अभियुक्तों के खिलाफ मामला दायर करने हेतु ललितपुर जिल्ला सरकारी वकिल कार्यालय में जांच रिपोर्ट सौंपा था। सीआईबी ने उनके खिलाफ ६६ लाख ५३ हजार रुपए की अनियमितताओं का निष्कर्ष निकाला है। इस संबंध में अध्ययन जारी है और शुक्रवार तक निर्णय आने की संभावना है, ऐसा सरकारी वकिल कार्यालय ने बताया है।
जिल्ला न्यायाधिवक्ता गणेश पौडेल ने कहा, ‘रिपोर्ट बुधवार को हमें प्राप्त हुई है, हम इसे अध्ययन कर रहे हैं और कल तक निर्णय लेंगे।’
सीआईबी ने गत २ असोज को एन्फा मुख्यालय पर छापा मारकर कोषाध्यक्ष रविन्द्र जोशी और लेखापाल संजीव पाण्डे को गिरफ्तार किया था। उनके गिरफ्तारी के बाद एन्फा के अध्यक्ष और महासचिव संपर्क से बाहर हैं। राष्ट्रीय हित और प्रतिष्ठा के विपरीत होमगेम बिक्री, रखेप के निर्देशों की अवज्ञा, अवैध भत्ता वितरण, महिला साफ गेम में होटल दर पर कमीशन और भ्रष्टाचार, बिना अनुमति विदेशी भ्रमण, अनुदान राशि का दुरुपयोग एवं अनावश्यक नियुक्ति जैसे कई शिकायतें एन्फा के खिलाफ दर्ज हुई थीं।
इसके अलावा, कई बार हुए टेंडर प्रक्रियाओं का प्रचलित कानून के अनुसार न पालन करने, विभिन्न प्रतियोगिताओं में मार्केटिंग, डिजिटल, प्रसारण और टिकटिंग राइट्स देने में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं। साथ ही, एन्फा के भीतर हो रहे गंभीर अनियमितता, भ्रष्टाचार और पददुरुपयोग के संबंध में जांच कर कार्रवाई करने की मांग वाली शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई थी। तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को लेकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने २४ जून से एन्फा को निलंबित कर रखा है।