
इरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से शुल्क वसूलने का निर्णय, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के संकेत
१७ चैत, काठमाडौं। इरानी संसद की सुरक्षा समिति ने विश्व के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों और तेल टैंकरों से ‘टोल’ (पारगमन शुल्क) वसूलने की योजना को मंजूरी दे दी है। इरानी सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ इरान ब्रॉडकास्टिंग (आई.आर.आई.बी.) के अनुसार, इस योजना के तहत उक्त रणनीतिक जलमार्ग से आवागमन करने वाले सभी जहाजों से शुल्क लिया जाएगा। योजना के अंतर्गत अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।
संसदीय समिति द्वारा पारित इस नियम से अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को शुल्क का भुगतान करना होगा। इरान ने इस कदम को अपनी संप्रभुता को मजबूत करने, सुरक्षा प्रबंधन खर्चों को उठाने और नए राजस्व स्रोत सृजित करने के उद्देश्य से उठाया है। वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में मान्यता प्राप्त है, जहां सभी देशों के जहाजों को स्वतंत्र आवागमन का अधिकार है।
विश्लेषकों का मानना है कि इरान का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के साथ टकरा सकता है। अमेरिका सहित खाड़ी के देशों द्वारा इस कदम का कड़ा विरोध किया जा सकता है। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता पर प्रश्न उठेंगे, बल्कि विश्व बाजार में तेल की कीमतों में भी अतिरिक्त उतार-चढ़ाव आ सकता है।
इरान ने होर्मुज क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्वयं निभाने का दावा करते हुए, इसके बदले में शुल्क वसूलना उचित बताया है। इसे इरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट पर अपने नियंत्रण और प्रभाव को कानूनी रूप से स्थापित करने का प्रयास माना जा रहा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रस्ताव से इरान की संप्रभुता, नियंत्रण और निगरानी को औपचारिक रूप से सुनिश्चित करते हुए नए राजस्व के स्रोत का निर्माण होगा। इरानी सांसद मोहम्मद रेज़ा के उद्धरण में रिपोर्टों में उल्लेख है कि अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों की तरह ही होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन करने वाले जहाजों से शुल्क वसूलना स्वाभाविक है।