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वैदेशिक रोजगार विभाग और अध्यागमन विभाग के बीच समन्वय की कमी से श्रमिकों को समस्या

वैदेशिक रोजगार विभाग और अध्यागमन विभाग के बीच वैदेशिक रोजगार के लिए आवश्यक कागजातों को लेकर समन्वय की कमी देखी गई है। वैदेशिक रोजगार विभाग ने हवाई टिकट, बिल और सेवा शुल्क की रसीद अनिवार्य दिखाने को कहा है, जबकि अध्यागमन विभाग ने पासपोर्ट और श्रम स्वीकृति के अलावा अन्य कागजात आवश्यक नहीं होने पर स्पष्टता प्रदान की है। वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ ने नीतिगत सुधार किए बिना सेवा शुल्क की रसीद को अनिवार्य बनाने से श्रमिकों को परेशानी होगी, इसलिए इस व्यवस्था को हटाने की मांग की है। ३० चैत, काठमाडौं।

वैदेशिक रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों के विषय में वैदेशिक रोजगार विभाग और अध्यागमन विभाग के बीच समन्वय कमज़ोर पाया गया है। श्रमिकों को विदेश भेजने के मामले में दोनों विभागों के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद होता रहा है। पहले भी इसी तरह की समस्या दोनों विभागों के बीच उत्पन्न हो चुकी है। वर्तमान में हवाई अड्डे पर वैदेशिक रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों को दिखाने वाले अतिरिक्त कागजात को लेकर दोनों निकायों के बीच विवाद है। वैदेशिक रोजगार विभाग ने एयरपोर्ट पर हवाई टिकट, उसका बिल और मैनपावर को अदा की गई सेवा शुल्क की रसीद दिखाना अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया है।

वहीं अध्यागमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट और श्रम स्वीकृति ही न्यूनतम आवश्यक दस्तावेज हैं। इस नीतिगत असहमति ने दोनों विभागों के बीच विवाद को फिर से उभार दिया है। इससे पहले भी २०८० असार में वैदेशिक रोजगार विभाग से श्रम स्वीकृति प्राप्त करके जोर्डन और कुवैत जाने वाले नेपाली कामगारों को त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लौटाने के बाद दोनों विभागों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था। कुवैत जाने वाले १३८ नेपाली श्रमिकों को अध्यागमन विभाग ने वापस लौटा दिया था।

अध्यागमन विभाग ने एक विज्ञप्ति जारी कर अपने कार्यक्षेत्र के भीतर रहकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें श्रम संबंधी समस्याओं को संबंधित निकायों के बीच चर्चा, समन्वय और सहयोग के माध्यम से समाधान करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया है। वैदेशिक रोजगार विभाग ने चैत २३ को जारी सूचना में वैदेशिक रोजगार के लिए जाने वालों को एयरपोर्ट पर हवाई टिकट, बिल और सेवा शुल्क की रसीद दिखाना अनिवार्य किया था।

हालांकि सामान्यतया पासपोर्ट, श्रम स्वीकृति और हवाई टिकट दिखाकर ही यात्रा करना संभव है। वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ के महासचिव महेश बस्नेत ने कहा है कि वैदेशिक रोजगार कानून संशोधन की प्रक्रिया जारी है, इसलिए नीतिगत सुधार के बिना अनावश्यक निर्णय नहीं लिए जाने चाहिए। श्रम मंत्रालय के अधिकारियों ने भी विभाग की इस सूचना के बारे में पर्याप्त जानकारी न मिलने की बात कही है।

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