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सम्मानजनक व्यवहार नभए विकल्प खोज्ने – Online Khabar

सम्मानजनक व्यवहार न मिलने पर विकल्प खोजने में जुटा कांग्रेस देउवा समूह की रणनीति

समाचार सारांश: सर्वोच्च अदालत द्वारा गगन थापाको नेतृत्व को वैधता प्रदान किए जाने के बाद कांग्रेस के देउवा पक्ष ने कुछ दिनों तक ‘पर्खो र महेर’ रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है। देउवा पक्ष ने पूर्व केंद्रीय सदस्यों की बैठक कर अदालत के आदेश को स्वीकार करने के साथ-साथ राजनीतिक संघर्ष जारी रखने का निर्णय किया है। कांग्रेस के दोनों पक्षों के बीच चल रही चर्चाओं में अगले कदम के लिए कुछ दिनों का समय दिया जाएगा। ६ वैशाख, काठमांडू। सर्वोच्च अदालत द्वारा गगन थापाको नेतृत्व को वैधानिकता दिए जाने के बाद कांग्रेस के शेरबहादुर देउवा पक्ष ने रक्षात्मक रुख अपनाते हुए कुछ दिन तक ‘पर्खो र महेर’ रणनीति अपना ली है। शनिवार और रविवार को दो दिन तक समूह के भीतर चर्चाओं के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने चयन प्रक्रिया को देखते हुए आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है। संस्थापन पक्ष ने देउवा समूह के प्रति सम्मानजनक व्यवहार न करने की स्थिति में विकल्प तलाशने की जरूरत पर भी चर्चा की है।

शुक्रवार अदालत के आदेश के बाद लगातार चल रही चर्चा में देउवा पक्ष ने आज पूर्व केंद्रीय सदस्यों की बैठक आयोजित की। पूर्व कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड़्का के नेतृत्व में शनिवार को देउवा समूह के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई, जबकि आज की बैठक में पूर्व केंद्रीय सदस्यों ने अपने विचार साझा किए। विशेष महाधिवेशन के विरोध में कड़ा विरोध जताने वाले चार नेताओं—खड़्का, विमलेन्द्र निधि, कृष्णप्रसाद सिटौला और प्रकाशमान सिंह—को प्रमुखता देते हुए पूर्व केंद्रीय सदस्यों ने अपनी बातें रखीं।

देउवा पक्ष की चर्चा में नेता डा. शेखर कोइराला समूह के कुछ नेता शामिल नहीं हुए। पूर्व महामन्त्री डा. शशांक कोइराला ने भी आज की बैठक में भाग नहीं लिया। लगभग तीन दर्जन पूर्व केंद्रीय सदस्य बैठक में मौजूद थे, जबकि शेखर पक्ष ने रविवार सुबह एक अलग बैठक की। शेखर समूह की बैठक ने अदालत के आदेश को स्वीकार करने का निर्णय लिया, जो पूर्व में मध्यस्थ की भूमिका निभाता आ रहा है। कांग्रेस के अंदर व्यापक हित, एकता और मजबूत संगठन निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है, कोइराला निकट नेता जीवन परियार ने कहा, ‘‘पार्टी केन्द्रीय कार्यसमिति और सभापति की अधिक जिम्मेदारी रहती है। कठिन परिस्थितियों में पार्टी के सभी सदस्य अपनी जगह से जिम्मेदार और प्रतिबद्ध होना आवश्यक है।’

देउवा पक्ष के अनुसार इस समूह की बैठकों की श्रृंखला चलती रहेगी। शनिवार से प्रारंभ हुई इन बैठकों में क्रमिक रूप से सामूहिक निर्णय तक पहुंचा जाएगा, पूर्व केंद्रीय सदस्य गुरु बराल ने बताया। हालांकि अगली बैठक की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। शनिवार और रविवार की चर्चाओं में सहभागी नेताओं ने अदालत के आदेश को स्वीकार किया पर उसकी व्याख्या पर आपत्तियां भी जताईं। शुक्रवार को अदालत ने विशेष महाधिवेशन के जरिए चुने गए नेतृत्व को मान्यता दी थी।

अदालत के आदेश के बाद रणनीति तय करने के लिए पूर्व कार्यवाहक सभापति खड़्काने कल और आज समूह की बैठकें बुलाई थीं। रविवार की बैठक में मौजूद पूर्व केंद्रीय सदस्य बराल ने कहा, ‘‘अदालत का निर्णय स्वीकार करते हैं लेकिन राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा।’’ देउवा पक्ष की चर्चा में तत्काल नया दल गठन एक सीमित विकल्प है, लेकिन इसके लिए तैयार रहने का सुझाव दिया गया है। सभापति गगन थापा पक्ष यदि दबाव में नहीं आएगा, तो वैकल्पिक स्थिति के लिए तैयारी आवश्यक होगी, ये बातें सहभागी नेताओं ने व्यक्त कीं।

सुदूरपश्चिम के सभापति वीरबहादुर बलायर ने कहा, ‘‘एकता होती है या नहीं, यह हमारे हाथ में नहीं है। सभी को समेटकर आगे बढ़ने की जिम्मेदारी अब अदालत से मान्यता प्राप्त नेतृत्व की है। जीवन भर संघर्ष कर चुके नेता हैं, इस पक्ष के प्रति कैसा व्यवहार होगा, इसकी जिम्मेदारी मान्यता प्राप्त नेतृत्व पर है।’

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