
डीआईजी आचार्य के नेतृत्व में सिन्धुली पुलिस हिरासत में मौत मामले की जांच समिति गठित
११ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल पुलिस प्रधान कार्यालय ने सिन्धुली में पुलिस हिरासत में एक दलित युवती की मौत के मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। नेपाल पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) दानबहादुर कार्की ने पुलिस नायब महानिरीक्षक (डीआईजी) दिनेशकुमार आचार्य की संयोजकता में पाँच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति के सदस्यों में पुलिस प्रधान कार्यालय यूएन शाखा के पुलिस उपरीक्षक (एसपी) रविन्द्रनाथ पौडेल, केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) के इंस्पेक्टर इन्द्रजित सुनार, काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय के इंस्पेक्टर प्रेम रेग्मी और पुलिस नायब निरीक्षक (सई) राजेश्वर सापकोटा शामिल हैं। आईजीपी कार्की ने समिति को ७ दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया है।
पुलिस के अनुसार, सिन्धुली के सुनकोशी गाउँपालिका–३ जुम्लीडाँडा के दलबहादुर बिक के २३ वर्षीय पुत्र श्रीकृष्ण बिक जबरजस्ती करणी मामले की जांच के सिलसिले में इलाका प्रहरी कार्यालय खुर्कोट की न्यायिक हिरासत में थे। घटना के अनुसार, वैशाख ७ को हिरासत कक्ष के शौचालय में उन्होंने अपनी शर्ट से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जैसी पुलिस दावा करती है। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उनके परिवार और अधिकारकर्मियों ने मौत के विषय में संदेह व्यक्त किया है। कुछ जनप्रतिनिधि से लेकर संसद सदस्य तक ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन और दबाव कार्यक्रम चलाई रहे हैं। बढ़ते दबाव के कारण पुलिस ने जांच समिति गठित की है।