
मनोहरा सुकुमवासी बस्ती के शेष घरों व झोपड़ियों को तोड़ने का अभियान जारी, 13 डोजर लगे
१४ वैशाख, काठमाडौं । मनोहरा सुकुमवासी बस्ती के शेष घरों और झोपड़ियों को आज सुबह से डोजरों की सहायता से तोड़ना शुरू किया गया है। सुबह ७ बजे से १३ डोजर परिचालित कर शेष घरों को ध्वस्त करने का कार्य जारी है। मनोहरा नदी किनारे स्थित यह बस्ती रविवार की सुबह से तोड़ी जा रही थी। कुछ घर अभी भी बाकी होने के कारण आज भी यह कार्य जारी रखा गया है। घर-झोपड़ी तोड़ने में भक्तपुर से पुलिस और काठमाडौं महानगरपालिका के नगर पुलिस टीम के साथ डोजर लगाए गए हैं।
प्रधानमंत्री बालेन शाह के निर्देश पर इससे पहले थापाथली और गैह्रीगाउँ क्षेत्रों में सुकुमवासी बस्तियों के घर तोड़े जा चुके हैं। वहां के निवासियों को नगर पुलिस द्वारा कीर्तिपुर, नगरजुन और भक्तपुर में व्यवस्थित किया गया है। काठमाडौं उपत्यका में लगभग २७ स्थानों पर, बागमती नदी किनारे समेत सुकुमवासी नाम के तहत सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हुआ है। संबंधित पक्ष तथा अधिकारिक बागमती सभ्यता एकीकृत विकास समिति द्वारा ४ मंसिर ०८० में सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत लिखित बहस नोट के अनुसार, उन क्षेत्रों में कुल ३,४९६ घर-झोपड़ी हैं। जिनमें से काठमाडौं महानगरपालिक में २,१७०, कागेश्वरी मनोहरा में ९०, बुढानीलकण्ठ में १५६, गोदावरी में २१५, ललितपुर महानगरपालिका में १७ और भक्तपुर जिले में ७७३ घर-झोपड़ी हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में लगभग १५ से १६ लाख सुकुमवासी परिवार हैं।