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हावाहुरी से दाङ में दो बीघा केराखेती पूरी तरह नष्ट

२० वैशाख को आये तेज हावाहुरी ने दाङ के घोराही उपमहानगरपालिका–१२ रतनपुर में स्थित दो बीघा केराखेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। हुमबहादुर केसी जो १० बीघा जमीन भाड़े पर लेकर कृषि कार्य कर रहे थे, बीमा न होने के कारण भारी आर्थिक क्षति झेल रहे हैं। केसी ने चार स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया है और जापान से लौटकर अपने देश में कृषि में लगे हुए हैं। २३ वैशाख, दाङ। २० वैशाख को आए भीषण हावाहुरी ने घोराही उपमहानगरपालिका–१२ के दो बीघा केराखेती को पूर्ण रूप से तबाह कर दिया है। घोराही–१२ रतनपुर में हुमबहादुर केसी द्वारा लगाए गए केराके पौधे हावाहुरी में पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, केसी ने जानकारी दी। बिक्री के लिए तैयार की जा रही केराखेती भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक विद्यालय हापुर रतनपुर की १० बीघा जमीन पांच वर्षों से भाड़े पर लेकर व्यावसायिक कृषि कर रहे हैं, लेकिन बीमा न होने के कारण भारी आर्थिक घाटा झेलना पड़ा। उन्होंने बताया कि १० बीघा में से चार बीघा में केराखेती कर रहे थे, जिनमें से दो बीघा पूरी तरह नष्ट हो गए और बाकी दो बीघा में आंशिक क्षति हुई है। केसी ने बताया कि चार बीघा में केराखेती के साथ-साथ तीन खोरों में करीब तीन हजार ब्रोइलर कुखुरा पालन करते हैं और बाकी जमीन में मक्का और खुर्सानी की खेती भी करते हैं। उन्होंने जापान में चार वर्ष बिताने के बाद अपने देश लौटकर कृषि क्षेत्र में समर्पित होकर चार स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया है।

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