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अनुसन्धानका लागि पालिएका पन्छीमा वर्डफ्लु, ५० लाख क्षति

अनुसन्धान के लिए पाले गए पक्षियों में बर्डफ्लू का संक्रमण, 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान

26 वैशाख, वीरगंज (पर्सा) । राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम के तहत अनुसंधान के लिए पाले गए पक्षियों में बर्डफ्लू का संक्रमण मिलने के बाद लगभग 50 लाख रुपये के बराबर की क्षति हुई है। चैत महीने के अंतिम सप्ताह में दिखाई दिए बर्डफ्लू के कारण बारासरह परवानीपुर स्थित राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम के तहत पाले गए आधा दर्जन प्रजाति के पक्षी और उनके आहार को नष्ट करना पड़ा। राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम परवानीपुर के सूचना अधिकारी खमबहादुर प्रजाले ने बताया कि चैत के अंतिम सप्ताह में यहां पाले गए पक्षियों में बर्डफ्लू की पुष्टि होने के बाद लगभग 45 से 50 लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई है।
‘टर्की जाति के पक्षियों में बर्डफ्लू दिखने के बाद क्रमशः फार्म में पाले गए अन्य प्रजाति के पक्षियों में भी संक्रमण फैलने पर सभी को नष्ट करना पड़ा,’ उन्होंने कहा, ‘संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करके यहाँ पाले गए पक्षी, अंडे और दाना भी नष्ट कर दिए गए हैं।’ बर्डफ्लू के संक्रमण के कारण लगभग दो हजार मुर्गियों के चल्ले, लगभग 1200 की संख्या में गिरीराज समेत अन्य प्रजाति के मुर्गे, 33 तितरे, 47 सफेद/काले टर्की और लगभग 450 बटई नष्ट किए गए हैं, कार्यालय ने इसकी जानकारी दी है। इसके अलावा एल वन दाना 835 किलोग्राम, एलटू दाना 455 किलोग्राम तथा एलथ्री दाना 1835 किलोग्राम भी नष्ट किए गए हैं। सूचना अधिकारी प्रजाले ने बताया कि बर्डफ्लू पाए गए फार्म में फिलहाल चुना छिड़कने, गोबर डालने और आग की गर्मी से जलाने जैसे संक्रमण मुक्त करने के उपाय किए जा रहे हैं। ‘कार्यालय पहले ही कृषकों को उपलब्ध कराई गई विभिन्न प्रजाति के पक्षी लाने का प्रयास कर रहा है,’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम के तहत पोखरा और नेपालगंज में स्थित कार्यालयों से आवश्यक पक्षी और अंडे लेकर पुनः संचालन की तैयारी की जा रही है।’

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