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चर्की कीमतों में इज़ाफ़ा और निर्माण सामग्री की कमी से नागढुंगा-मुग्लिन सड़क विस्तार ठहरा

चर्की कीमतों में वृद्धि और निर्माण सामग्री की कमी के कारण नागढुंगा-मुग्लिन सड़क विस्तार का कार्य रुका हुआ है। पूर्वी खंड के पहले भाग में ८५ प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है जबकि दूसरे भाग में ५७.१ प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। पश्चिमी खंड में ४३.९६ प्रतिशत काम हुआ है और विद्युत पोल को स्थानांतरित करने का काम अभी बाकी है। २७ वैशाख, चितवन। राजधानी काठमाडौं की मुख्य ‘लाइफलाइन’ मानी जाने वाली नागढुंगा-मुग्लिन सड़क का विस्तार रोक दिया गया है। निर्माण कंपनी ने कीमतों में तीव्र वृद्धि और निर्माण सामग्री की कमी को काम रोकने का कारण बताया है। तीन खंडों में सड़क के विस्तार के काम के रुके रहने के कारण बरसात के मौसम में और भी परेशानी पैदा होने का अनुमान है।

नागढुंगा से मुग्लिन तक ९५ किलोमीटर लंबी सड़क को पूर्वी और पश्चिमी खंड में विभाजित करके २०७९ मध्य से यह सड़क विस्तार का कार्य शुरू किया गया था। नागढुंगा से मुग्लिन तक सड़क के बड़े बाजार क्षेत्रों में ६ लेन, छोटे बाजारों में ४ लेन और अन्य स्थानों पर ३ लेन सड़क बनाने की योजना है। कठिन भूगोल और भूस्खलन के अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से समर्पित २ लेन सड़क का विस्तार किया जाएगा। नौबिसेस से नागढुंगा तक मालवाहक वाहनों के लिए अलग ‘क्लाइम्बिंग’ लेन का निर्माण होगा।

नागढुंगा से नौबिसेस तक ४.७ किलोमीटर और नौबिसेस से मलेखुस तक १७.५ किलोमीटर स्वदेशी क्लाइम्बिंग लेन बनाया जाएगा। तीन लेन वाली जगहों में एक लेन क्लाइम्बिंग लेन होगी। इस क्लाइम्बिंग लेन पर अलग निशान होंगे और केवल मालवाहक वाहनों को ही इसके उपयोग की अनुमति दी जाएगी। इस खंड में बनाए जाने वाले २१ नए पुल सभी चार लेन के होंगे। प्रतिदिन लगभग १२ हजार वाहन इस सड़क से गुजरते हैं और इसे विश्व बैंक के सहुलियत वाले ऋण से विस्तारित किया जा रहा है। सड़क के विस्तार के बाद राजधानी काठमाडौं सहित आसपास के क्षेत्रों में आवागमन में आसानी होने की उम्मीद है।

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