
इरान के साथ युद्ध रोकने के लिए अमेरिकी कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित किया, ट्रम्प के पास अभी भी वीटो अधिकार बरकरार
अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति ट्रम्प के सैन्य अधिकारों को सीमित करने वाला प्रस्ताव ५०-४७ मत से पारित किया है। यदि यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो ट्रम्प प्रशासन को इरान के विरुद्ध युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अमेरिकी कानून के अनुसार राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति केवल ६० दिन तक ही सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। ७ जेष्ठ, काठमांडू।
मतदान में चार रिपब्लिकन सांसदों ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ सहमति व्यक्त की, जबकि तीन रिपब्लिकन सांसद मतदान में अनुपस्थित रहे। यह प्रस्ताव ५०-४७ वोट के अंतर से पारित हुआ है। हालांकि, इसे कानून बनाने के लिए अभी कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। यदि यह प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो ट्रम्प प्रशासन को इरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेनी होगी। वर्तमान में सिनेट में इस विषय पर अंतिम मतदान होना बाकी है।
रिपब्लिकन बहुमत वाले हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से भी इस प्रस्ताव को अनुमोदन मिलना आवश्यक होगा। इसके बाद भी ट्रम्प इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। वीटो को रद्द करने के लिए सिनेट और हाउस दोनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए, जो इस समय आसानी से मिलना संभव नहीं है। मंगलवार शाम को अमेरिकी कांग्रेस के सिनेट में इरान के साथ युद्ध रोकने को लेकर बैठक हुई थी।
विपक्षी दल इस मतदान को बड़ी सफलता मान रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार युद्ध शुरू करने या सेना भेजने का अधिकार राष्ट्रपति के बजाय संसदीय निकाय के पास होना चाहिए। यह प्रस्ताव वर्जीनिया राज्य के डेमोक्रेटिक सिनेटर टिम केन ने प्रस्तुत किया था। बहस के दौरान उन्होंने कहा, ‘जहाँ युद्ध-विराम की बात हो रही है, ट्रम्प को संसद के समक्ष आकर अपनी रणनीति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करनी चाहिए।’ दूसरी ओर, व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रम्प ने अमेरिकी सुरक्षा के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग कर कार्रवाई की है।