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सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष में प्रसारण लाइन और सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता दी

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में ११ प्रसारण लाइनों और ६ राष्ट्रीय महत्व की सिंचाई परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता दी है। ऊर्जा मंत्रालय ने पहले से प्रगति पर चल रही परियोजनाओं को पूरा करने की नीति अपनाई है, जबकि नए बड़े परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। ऊर्जा विशेषज्ञ प्रबल अधिकारी ने कहा है कि अगले १० वर्षों में ३०,००० मेगावाट विद्युत उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रसारण अवसंरचना में भारी निवेश आवश्यक होगा।

ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में विद्युत प्रसारण लाइनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, १५ जेठ को प्रस्तुत होने वाले आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में विद्युत प्रसारण लाइन निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। अगले एक वर्ष में ११ प्रसारण लाइनों के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है। ये लाइनें १३२ केवी से लेकर २२० केवी तक की क्षमता की होंगी।

ऊर्जा मंत्रालय ने इन परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता देते हुए बजट और समयसीमा सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। इनमें लालबन्दी–नवलपुर–सलिमपुर १३२ केवी, कुशाहा–विराटनगर १३२ केवी, नेपालगंज–नानपारा १३२ केवी, कुश्मा–तल्ली मोदी–नयाँ मोदी १३२ केवी, नया मोदी–लेखनाथ १३२ केवी और कोहलपुर–सुर्खेत–दैलेख १३२ केवी प्रसारण लाइनें शामिल हैं। साथ ही कालीगण्डकी–रिडी १३२ केवी, तुम्लिङटार–सितलपाटी २४० केवी, ढल्केबर–बालगंगा १३२ केवी, भुमई–हाकुई १३२ केवी प्रसारण लाइन और नेपाल–भारत विद्युत प्रसारण एवं व्यापार परियोजनाओं के लिए भी पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है।

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