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इनिशा विक हत्या मामले में गण्डकी के सांसदों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की

गण्डकी प्रदेश सभा की तीन दलित महिला सांसदों ने इनिशा विक के बलात्कार के बाद हत्या की घटना में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सांसदों ने इस प्रकार के अपराधियों को सख्त से सख्त सजा और शीघ्र, निष्पक्ष न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने इस घटना को समाज पर प्रहार और बेटियों की सुरक्षा न होने का स्पष्ट प्रमाण बताया। 8 चैत्र, पोखरा।

गण्डकी प्रदेश सभा की 3 दलित महिला सांसदों ने सुर्खेत में 16 वर्षीय बालिका इनिशा विक के बलात्कार के बाद हत्या की घटना में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना पर केवल तीन दलित महिला सांसदों ने आवाज उठाई जबकि अन्य सांसद नागरिकों की विभिन्न समस्याओं पर बात करना ज्यादा प्राथमिकता दे रहे थे। सीमित समय में बोलते हुए सांसदों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत जताते हुए कहा कि समाज में सिर्फ बेटियां ही नहीं, बल्कि वे स्वयं भी असुरक्षित हैं।

आइतवार से शुरू हुए नवें अधिवेशन के पहले सत्र में सांसद दमयंती रुचाल ने गत फागुन 23 को मृत्यु होने वाली 16 वर्षीय इनिशा के हत्याकांड की जांच अभी पूरी न होने पर संसद का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने निर्मला विक से लेकर इनिशा विक तक के बलात्कार के बाद हत्या की घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए बलात्कार के बाद हत्यारों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की। वहीं, सांसद दिलमाया पौवी ने इनिशा की बलात्कार के बाद हत्या के मामले पर संसद में इसे गंभीरता से उठाया।

पौवी ने संसद में कहा, ‘पितृसत्तात्मक सोच के कारण हमारी बेटियां ही नहीं, हम भी सुरक्षित नहीं हैं। अपराधियों को कानून का भय क्यों नहीं है?’ सांसद नन्दकला नेपाली दमै ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इनिशा विक की बलात्कार के बाद हत्या ने बेटियों के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत की है। सांसदों ने पूर्व के अधिवेशनों में भी जातीय भेदभाव, महिलाओं पर हिंसा और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों को प्राथमिकता से उठाते हुए सख्त कानून बनाने की मांग की है।

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