
इरान के कुवैत पर हमला के बाद खाड़ी राष्ट्रों में गुस्सा, इरान का जवाब क्या है?
२१ वैशाख, काठमाडौं । खाड़ी सहयोग परिषद् (जीसीसी) ने बुधवार को कुवैत और बहरीन में हुए हमलों के लिए इरान की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इन हमलों को कायरतापूर्ण करार देते हुए कहा है कि इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा है। जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने बताया कि इरान लगातार इस तरह के कदम उठा रहा है, जो खाड़ी देशों की सुरक्षा, स्थिरता और सार्वभौमिकता के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने इरान के हालिया हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के नियमों और वैश्विक मानकों का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाना चाहिए। जीसीसी में कुवैत, क़तर, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं।
बुधवार को कुवैत हवाई अड्डे पर इरानी ड्रोन मिसाइल हमले में हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा और उड़ानें अस्थायी रूप से रुकनी पड़ीं। इस हमले में कुछ लोग भी घायल हुए। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि कोई देश अपनी जमीन को इरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करता है तो उसका जवाब कड़ी कार्रवाई के रूप में दिया जाएगा। इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका-इजरायल और इरान के बीच जारी संघर्ष को लेबनान में युद्ध समाप्ति और इजरायली सेना के पीछे हटने के बाद अंतिम माना है।
अराघची ने ‘अल-मयादीन’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि इरान अभी भी युद्धविराम और युद्ध समाप्ति के मामले में अपनी वही स्थिति बनाए हुए है। युद्धविराम की खबर के बाद तेल के दाम कम हुए हैं। अमेरिकी मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद इजरायल और लेबनान ने युद्धविराम पूर्ण रूप से लागू करने पर सहमति जताई है। यह समझौता दक्षिणी लेबनान से हिज़बुल्लाह की उपस्थिति हटाने और वहां की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी यह कहा है कि दोनों पक्ष पहले से लागू युद्धविराम का सम्मान करेंगे और उसे प्रभावी रूप से लागू करेंगे।
समझौते के अनुसार, हिज़बुल्लाह दक्षिणी लेबनान के लितानी नदी क्षेत्र से पीछे हट जाएगा और वहां से सभी सशस्त्र गतिविधियां पूरी तरह बंद होंगी। साथ ही, कुछ ‘पायलट जोन’ बनाए जाएंगे जहां केवल लेबनानी सेना तैनात होगी और कोई गैर-सरकारी सशस्त्र समूह वहां मौजूद नहीं होगा। यह नया युद्धविराम नहीं है। मई महीने से लागू युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया है और नवीनतम समझौता इसी व्यवस्था को लागू करने पर केंद्रित है।
युद्धविराम के मजबूत होने की खबर के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 67 सेंट (0.69 प्रतिशत) गिरकर 97.14 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 62 सेंट (0.65 प्रतिशत) गिरकर 95.40 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है। इस गिरावट का कारण इजरायल और लेबनान के बीच लागू युद्धविराम समझा जा रहा है।
निवेशकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव में कमी आई तो अमेरिका, इजरायल और इरान के बीच बड़े संघर्ष के समाधान की संभावना बढ़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि यदि इरान से जुड़ी कोई हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए तो वे युद्धविराम खत्म करने पर पुनर्विचार करने को तैयार रहेंगे। यह जानकारी ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट में है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इरान के बीच कई झड़पें हुई हैं, लेकिन बड़े सैन्य अभियान अभी तक नहीं हुए। अधिकारीयों का कहना है कि ट्रंप फिलहाल युद्ध को बढ़ावा देना नहीं चाहते और मध्य पूर्व के बड़े संघर्ष से बचना चाहते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप छोटे सैन्य तनावों को कुछ समय तक सहन कर सकते हैं ताकि स्थिति पूर्ण युद्ध में ना बदलें, लेकिन यदि अमेरिकी सैनिक मारे गए तो उनका रुख बदलाव हो सकता है और वे युद्धविराम खत्म कर सकते हैं।