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डा. शेखर कोइराला के खिलाफ निरंकुशता की चेतावनी

नेपाली कांग्रेस के नेता डा. शेखर कोइराला ने कांग्रेस के अंदर निरंकुशता शुरू होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि नेपाली कांग्रेस को बीपी कोइराला द्वारा प्रतिपादित राष्ट्रीय एकता और मेलमिलाप की नीति को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। 31 जेठ, काठमांडू।

कोइराला ने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना और निरंकुशता के अंत के लिए बनी कांग्रेस पार्टी के भीतर निरंकुशता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र इतिहास में सबसे कमजोर स्थिति में पहुँच गया है और 2033 साल में बीपी कोइराला द्वारा अपनाई गई राष्ट्रीय एकता और मेलमिलाप की नीति की आवश्यकता अब और भी बढ़ गई है।

कोइराला ने कहा, “नेपाल की राष्ट्रीयता, संप्रभुता, अखंडता और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नेपाल की सभी ताकतों के बीच सहयोग और एकता आवश्यक है।” विराटनगर में आयोजित कोशी प्रदेशस्तरीय बैठक में सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गगन थापा के साथ बातचीत में रखे गए पाँच मुद्दे स्वीकार किए गए हैं।

गगन थापा द्वारा पार्टी के सदस्यों को कार्रवाई की धमकी देने के बाद कोइराला ने सार्वजनिक किए गए 5 बिंदुओं पर चर्चा की और कहा कि बिना सहमति के कांग्रेस पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती। उन्होंने कहा, “गिरीजा प्रसाद कोइराला ने कहा था कि सहमति, सहयोग और एकता के माध्यम से ही हम आगे बढ़ सकते हैं।” कोइराला ने किसी भी हाल में पार्टी के विभाजन को रोकने की प्रतिबद्धता भी जताई।

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