चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज में सुरक्षा कार्यों के लिए प्रशिक्षित कुत्ते तैनात
फाइल तस्वीर
समाचार सारांश
- चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने तकनीक का उपयोग कर नियमित गश्ती, स्विप, एम्बुशिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
- निकुञ्ज प्रशासन चार प्रशिक्षित कुत्तों, ड्रोन, सीसीटीवी, वाहन ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग कर रहा है।
- तकनीक के उपयोग से वन्यजीव तस्करी नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है।
१० चैत्र, चितवन। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक का प्रयोग शुरू कर दिया है। नियमित सुरक्षा गश्ती, स्विप और एम्बुशिंग के साथ-साथ तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
निकुञ्ज के सूचना अधिकारी अविनाश थापामगर के अनुसार, कार्यालय लंबी, मध्यम और छोटी दूरी पर नियमित गश्ती, सूचनात्मक परिचालन और संयुक्त जांच सेल भी संचालित कर रहा है।
वर्तमान में निकुञ्ज प्रशासन ने चार प्रशिक्षित कुत्तों को सुरक्षा कार्यों के लिए तैनात किया है। इसके अलावा, रियल टाइम मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, वाहन ट्रैकिंग रिकॉर्ड सिस्टम जैसी तकनीकों के जरिए निकुञ्ज की सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि पैदल, साइकिल, हाथी, डोंगा और वाहनों से भी गश्ती की व्यवस्था चल रही है।
तकनीक के इस्तेमाल से तस्करों पर नियंत्रण पाने में खास सफलता मिली है।
उन्होंने कहा, “तकनीक के प्रयोग से वन्यजीव जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को पकड़ने और तस्करी कम करने में सफलता मिली है।”
इससे जंगल में वन्यजीवों के आंसू के साथ घूमने वाले लोगों को नियंत्रित करने में भी सहायता मिली है। वन्यजीव संरक्षण में तकनीक के प्रयोग के साथ साझेदार संगठनों का भी बड़ा योगदान है।
स्थानीय स्तर पर युवा परिचालन समिति, नेपाली सेना और निकुञ्ज के कर्मचारियों की अथक मेहनत से ही तस्करी में कमी संभव हो पाई है, उन्होंने बताया।