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द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विश्व सबसे हिंसक दौर से गुजर रहा है : संयुक्त राष्ट्र

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विश्व द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से सबसे हिंसक दौर से गुजर रहा है।
  • मध्य पूर्व के युद्ध ने विश्व अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालते हुए तेल, ईंधन और गैस के दाम बढ़ा दिए हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से सुरक्षा परिषद के फैसलों को लागू कर संघर्ष खत्म करने हेतु कूटनीतिक प्रयास करने का आग्रह किया है।

११ चैत, जेनेवा। संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विश्व वर्तमान में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे हिंसक दौर से गुजर रहा है। खासकर मध्य पूर्व क्षेत्र में तेज हुए संघर्षों ने आम नागरिकों के जीवन को गहरा असर पहुँचाया है और इसका असर वैश्विक स्तर पर फैल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय के कार्यकारी निदेशक जोर्ज मोरेइरा दा सिल्वा के अनुसार, हिंसा और अस्थिरता के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, और यह संख्या हर घंटे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के संघर्ष की सीमा लांघकर विश्व अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है, जिससे तेल, ईंधन तथा गैस की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसका प्रभाव विश्वव्यापी हो रहा है।

विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका के विकासशील देशों पर इसका ज्यादा विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना है। इस वर्ष विश्व भर में भूखमरी की समस्या और गम्भीर होने की आशंका है और प्रभावित लोगों की संख्या करोड़ों तक पहुंच सकती है।

संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से सुरक्षा परिषद के निर्णयों को लागू करने और कूटनीतिक एवं शांति पूर्ण उपायों द्वारा संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया है।

यह कार्यालय विश्व के १०० से अधिक देशों में परियोजना प्रबंधन, खरीद एवं अवसंरचना विकास से संबंधित सेवाएं प्रदान करता आ रहा है।

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