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बचत खातों पर २.७५ प्रतिशत से कम ब्याज देने वाले बैंकों को १ माह के लिए स्थायी निक्षेप सुविधा बंद करने का प्रावधान

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात् प्रस्तुत।

  • नेपाल राष्ट्र बैंक ने स्थायी निक्षेप सुविधाओं के नियमों में लचीलापन देते हुए उन बैंकों को, जो बचत खातों में करिडोर की निचली ब्याज दर से कम ब्याज देते हैं, 1 माह के लिए स्थायी निक्षेप सुविधा बंद करने का प्रावधान किया है।
  • केंद्रीय बैंक ने तरलता प्रबंधन हेतु «स्टेरिलाइज्ड इंटरवेंशन» प्रक्रिया लागू करने के लिए विनियमावली में आवश्यक प्रावधान जोड़े हैं, जिनमें विदेशी मुद्रा में भुगतान की व्यवस्था शामिल है।
  • राष्ट्र बैंक ने खुला बाजार लेनदेन के कार्यविधियों में संशोधन कर मौद्रिक उपकरणों के परिचालन, वितरण और विभागीय अधिकारों के नए नियम स्पष्ट किए हैं।

३१ असार, काठमाडौं। नेपाल राष्ट्र बैंक ने स्थायी निक्षेप सुविधाओं के नियमों में संशोधन किया है। अब बैंक तथा वित्तीय संस्थाएं बचत खातों में ब्याज दर करिडोर की निचली सीमा से कम ब्याज दर लागू करती हैं, तो उन्हें एक माह के लिए स्थायी निक्षेप सुविधा नहीं मिलेगी।

केंद्रीय बैंक ने खुला बाजार लेनदेन के नियमावली २०७८ में संशोधन करते हुए उन बैंकों/वित्तीय संस्थाओं को, जो बचत ब्याज दर करिडोर की निचली सीमा से कम ब्याज निर्धारण करते हैं, 1 माह तक स्थायी निक्षेप सुविधा बंद करने का प्रावधान किया है। पहले इस स्थिति में बैंकों को स्थायी निक्षेप सुविधा पूरी तरह बंद करनी पड़ती थी। वर्तमान में ब्याज दर करिडोर की निचली सीमा २.७५ प्रतिशत निर्धारित है।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने आगामी वित्तीय वर्ष की मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की लागत कम करने के लिए स्थायी निक्षेप सुविधा के नियमों में संशोधन किया है।

साथ ही, तरलता प्रबंधन के लिए बैंक द्वारा अपनाई गई नई «स्टेरिलाइज्ड इंटरवेंशन» प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रावधान विनियमावली में जोड़े गए हैं। इसके अनुसार, विदेशी मुद्रा में प्राप्त राशि उसी मुद्रा में भुगतान की जाएगी, जिससे नेपाली रुपये के बाजार में कमी और अत्यधिक तरलता से होने वाली समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

विनियमावली में «मौद्रिक उपकरण» की परिभाषा में तरलता प्रबंधन के लिए जारी किए जाने वाले विभिन्न उपकरणों का उल्लेख है, जैसे स्वदेशी मुद्रा, सरकारी सुरक्षा पत्र, राष्ट्र बैंक ऋणपत्र, रिपो, रिवर्स रिपो, निक्षेप संकलन, सीधे खरीद तथा बिक्री, स्थायी सुविधा या बैंक द्वारा निर्धारित अन्य मौद्रिक उपकरण।

इसके अलावा, रिवर्स रिपो और निक्षेप संकलन जैसे उपकरणों की बोली के मामले में न्यूनतम ब्याज दर को प्राथमिकता दी जाएगी। इस प्रकार आहूत रकम को ब्याज दर करिडोर की निचली सीमा तक की सबसे कम ब्याज दर वाली बोली को विभागीय प्रमुख द्वारा बाँटा जाएगा। इस बाँटफाट की जानकारी खुला बाजार संचालन समिति को शीघ्र दी जाएगी।

राष्ट्र बैंक के मौद्रिक विभाग को खुला बाजार लेनदेन के संचालन के दौरान अपनाए गए प्रक्रिया, बैंकिंग प्रणाली में तरलता के स्तर, औसत ब्याज दर सहित अन्य विषयों पर त्रैमासिक रिपोर्ट तैयार कर समिति को प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार तथा अर्थव्यवस्था का संक्षिप्त विश्लेषण भी शामिल होगा। समिति आवश्यक संशोधन के बाद इसे गवर्नर के समक्ष पेश करेगी।

यदि विशेष आर्थिक या वित्तीय स्थिति उत्पन्न होती है, तो समिति विभाग के माध्यम से गवर्नर को सूचित करेगी कि कहीं किसी मौद्रिक उपकरण के तहत खुला बाजार लेनदेन करना आवश्यक है या सामान्य से अधिक तरलता प्रवाह करनी होगी।

विभागीय निर्णय के तहत जारी या समाप्त होने वाले नियमित खुला बाजार लेनदेन को छोड़कर, रिपो में ४५ अरब और रिवर्स रिपो तथा निक्षेप संकलन उपकरण सहित दैनिक १५ अरब रुपये तक की सीमा विनियमावली में निर्धारित की गई है।

विभागीय निर्णय के आधार पर बोलीपत्रों को पूर्ण स्वीकृत, अस्वीकृत या आंशिक स्वीकृत करने का अधिकार विभागीय प्रमुख को होगा। विभागीय अधिकार में संपन्न खुले बाजार के लेनदेन की जानकारी शीघ्र समिति को दी जाएगी।

मौद्रिक नीति के अनुसार, ब्याज दर करिडोर की ऊपरी सीमा पर स्थायी तरलता सुविधा, नीतिगत दर पर ओवरनाइट रिपो, और निचली सीमा पर स्थायी निक्षेप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में ब्याज दर करिडोर की ऊपरी सीमा ५.७५%, नीतिगत दर ४.२५%, तथा निचली सीमा २.७५% है।

संशोधित विनियमावली में उल्लेख है कि निक्षेप संकलन उपकरण, राष्ट्र बैंक ऋणपत्र तथा ब्याज दर करिडोर के अंतर्गत स्थायी निक्षेप सुविधा में काउंटरपार्टी द्वारा स्थानीय मुद्रा बचत या मुदती निक्षेप पर करिडोर की निचली सीमा से कम ब्याज दर रिपोर्ट किए जाने पर, उस तिथि से एक माह तक उक्त लेनदेन में भाग लेना तथा सुविधा प्राप्त करना मान्य नहीं होगा।