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डा. नवराज केसी के ‘स्वस्पर्श’ को पहली पारिजात कृतिसम्मान से सम्मानित किया जाएगा

६ साउन, काठमाडौं । पारिजात स्मृति केन्द्र ने डा. नवराज केसी के निबंध ‘स्वस्पर्श’ को ‘पारिजात कृतिसम्मान २०८२’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इस सम्मान के लिए गठित चयन समिति ने पहले चरण में आठ कृतियों का चयन किया था। चयन में आख्यान विधा में अर्चना थापाकी ‘अग्निगर्भ’, केशवराज जवालीकी ‘अज्ञात’, दीप दहालकी ‘विजयीनी’, श्रवण मुकारुङकी ‘सलह’, और नवीन अभिलाषीक ‘दहाड’ शामिल थीं। निबंध विधा में डा. नवराज केसी के ‘स्वस्पर्श’ और भूपिन के ‘मध्यको उज्यालो’, तथा कविता विधा में रिमा केसी की ‘बगावतनामा’ भी चयनित कृतियों में थीं।

पहले चरण में चयनित कृतियों के गहन अध्ययन, मूल्यांकन और चर्चा के बाद चयन समिति ने ‘स्वस्पर्श’ को ‘पारिजात कृतिसम्मान २०८२’ के लिए सिफारिश किया। समिति की सिफारिश के आधार पर केंद्र ने उक्त कृति को सम्मानित करने का निर्णय लिया। पारिजात स्मृति केन्द्र के महासचिव दिलसुन्दर श्रेष्ठ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि आगामी साउन १० गते एक विशेष कार्यक्रम में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। श्रेष्ठ के अनुसार यह पुरस्कार इस वर्ष से पारिजात के साहित्यिक योगदान को सम्मानित करने के लिए शुरू किया गया है।