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एआई युग में नबिल बैंक, बदल रहा है नेपाली बैंकिंग का स्वरूप

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • नबिल बैंक ने अपने ४२वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर बैंकिंग में एआई युग की शुरुआत की घोषणा करते हुए सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ाया है।
  • अध्यक्ष निर्वाण चौधरी ने कहा, एआई कर्मचारी का विकल्प नहीं बल्कि सहायक तकनीक है और यह ग्राहकों को तेज तथा पारदर्शी बैंकिंग सेवा प्रदान करने में मदद करता है।
  • बैंक ने एनबैंक ऐप के माध्यम से नेपाल-भारत सीमा पार रेमिटेंस, डिजिटल लाउंज और स्वचालित ऋण प्रक्रिया जैसी तकनीकी सेवाओं का संचालन कर अपनी डिजिटल रूपांतरण को मजबूत किया है।

६ साउन, काठमांडू। कुछ वर्ष पहले बैंक से ऋण लेना धैर्य की परीक्षा जैसा होता था।

थोड़ी सी कर्ज़ लेने के लिए भी बैंक शाखा जाकर लंबी प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती थीं। फॉर्म भरना, नागरिकता और अन्य दस्तावेज देना, साथ ही सारी जानकारी दर्ज कराना होता था। दूसरी ओर पूरी प्रक्रिया में सप्ताह भर लग जाता था। आज वही प्रक्रिया के लिए न तो शाखा जाना पड़ता है और न ही ज्यादा समय लगता है।

मोबाइल पर कुछ क्लिक करने के बाद ऋण खाते में पहुंच जाता है। इसका कारण है नबिल बैंक द्वारा सेवा में अपनाए गए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग। तेजी से विकसित हो रही इस तकनीक का उपयोग करते हुए आधुनिक बैंकिंग के जरिए बैंक नवीनतम सेवा प्रदान कर रहा है। अब न केवल ऋण प्रवाह बल्कि विभिन्न सेवाओं में भी एआई का उपयोग बढ़ गया है, जो समय बचाते हुए सेवाएं ग्राहकों के लिए आसान बनाता है।

अपने ४२वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर नबिल बैंक के अध्यक्ष निर्वाण चौधरी ने घोषणा की कि बैंक ने एआई युग में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी युग एआई है, इसलिए इसका उपयोग अनिवार्य हो गया है। एआई केवल एक सामान्य तकनीक नहीं है बल्कि यह निर्णय प्रक्रिया, जोखिम प्रबंधन, व्यापार संचालन और ग्राहक के वित्तीय अनुभव को पुनःपरिभाषित करने का माध्यम है।

“बैंक एआई को कर्मचारियों का विकल्प नहीं बल्कि सहायक तकनीक के रूप में इस्तेमाल कर रहा है,” अध्यक्ष चौधरी ने कहा, “एआई दुहराए जाने वाले कामों और लंबी प्रक्रियाओं को संभाल रहा है, जिससे कर्मचारी ग्राहकों से सीधा संपर्क और वित्तीय सलाह देने में अधिक समय दे पाते हैं।”

२०८३ साल से बैंक ने अपने उद्देश्य, लक्ष्य और मूल्यांकन को पुनःपरिभाषित करते हुए “नेपाल का सबसे विश्वसनीय, भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार बैंक” बनने का लक्ष्य रखा है। “विश्वास, पारदर्शिता, प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और रूपांतरण” को पांच ‘टी’ के मूल स्तंभ के रूप में आगे बढ़ाते हुए ग्राहक-केंद्रित सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नवाचार, सुशासन, स्थिरता और नेतृत्व विकास को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई है।

इतना ही नहीं, नबिल बैंक ने २०२३ नवंबर से शुरू किया सेल्फ-सर्विस कियॉस्क भी ग्राहकों को बड़ी सुविधा देता है। इस प्रणाली के माध्यम से ग्राहक शाखा में कर्मचारियों की सहायता के बिना विभिन्न बैंकिंग सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषकर ईसीसी क्लियरिंग चेक कियॉस्क के जरिए भी जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे चेक जमा करने की प्रक्रिया तेज, सरल और व्यवस्थित होती है, शाखा में भीड़ घटती है और ग्राहक के प्रतीक्षा समय को कम करती है। ग्राहक अपने चेक मशीन से आसानी से जमा कर पाएंगे।

बैंक डिजिटल बैंकिंग को और विस्तार देते हुए नेपाल-भारत-नेपाल सीमा पार पर्सन-टु-पर्सन रेमिटेंस सेवा शुरू कर चुका है। इससे नेपाल और भारत के बीच सुरक्षित डिजिटल माध्यम से तुरंत पैसे भेजना और प्राप्त करना संभव होगा।

नबिल बैंक में खाता रखने वाले भारतीय नागरिक एनबैंक मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए भारत में अपने परिवार और मित्रों को तुरंत पैसे भेज पाएंगे, जबकि नेपाली और भारतीय दोनों ग्राहक नेपाल में नबिल बैंक के उपयोगकर्ताओं को आसानी से पैसे भेज सकेंगे।

साथ ही बैंक ने एनबैंक में निवेश सेवा का विस्तार किया है। नबिल इंवेस्टमेंट बैंकिंग के साथ साझेदारी में ग्राहक एक ही प्लेटफॉर्म से “सिस्टेमैटिक निवेश योजना” में पंजीकरण, किस्त भुगतान और निवेश संबंधी सेवाएं मोबाइल से अतिरिक्त शुल्क मुक्त ले सकते हैं। यह विदेश में रहने वाले नेपाली को भी नेपाल के वित्तीय बाजार में सहज भागीदारी का अवसर देगा।

बैंक ने कमलाड़ी स्थित नबिल हाउस में अत्याधुनिक डिजिटल लाउंज शुरू किया है। यहां एटीएम से नकद निकालना, कैश डिपोजिट मशीन से नकद जमा करना, कियॉस्क के माध्यम से चेक डिजिटल रूप में जमा करना जैसी सेवाएं २४ घंटे उपलब्ध होंगी।

यह डिजिटल लाउंज पारंपरिक काउंटर सेवा पर निर्भरता को कम करते हुए तकनीकी अनुकूल, तेज और एकीकृत डिजिटल बैंकिंग सेवा के विस्तार की रणनीति को मजबूती देता है।

नबिल बैंक के अनुसार, अब सभी कार्य डेटा, एल्गोरिदम और स्वचालित प्रणाली में परिवर्तित हो रहे हैं। एआई तकनीक ग्राहक की वित्तीय जानकारी, वित्तीय इतिहास, आय, ऋण भुगतान क्षमता और जोखिम संकेतकों का विश्लेषण कर कुछ ही क्षणों में निर्णय लेने के आधार तैयार करता है।

इससे बैंकिंग न केवल तेज बल्कि सटीक, पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित बन रही है। बैंक ने अपने फोन लोन सेवा में एआई आधारित निर्णय विश्लेषण प्रणाली लागू की है, जो ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को स्वचालित बनाती है। यह ग्राहक की वित्तीय प्रोफ़ाइल देखते हुए कुछ ही सेकंड में ऋण योग्यता का मूल्यांकन करता है।

बैंक ने प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्राथमिकता दी है। १९८४ में नेपाल के पहले कंप्यूटरीकृत बैंक के रूप में स्थापित नबिल बैंक ने चार दशक से अधिक समय में प्रौद्योगिकी के उपयोग को महत्वपूर्ण रखते हुए रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन भी अपनाई है, जिसके द्वारा कई कार्य सॉफ्टवेयर बॉट से चलाए जाते हैं। इससे कार्यक्षमता बढ़ती है और मानवीय त्रुटियां कम होती हैं तथा सेवा त्वरित होती है।

बैंक बिजनेस इंटेलिजेंस प्रणाली से ग्राहक व्यवहार, कारोबार के पैटर्न और सेवा उपयोग का विश्लेषण करता है जिससे यह जान पाता है कि किस ग्राहक को कौन-सी सेवा चाहिए, नया उत्पाद कहां विकसित करना है और सेवा में सुधार कहां जरूरी है।

डिजिटल रूपांतरण की एक और बड़ी उपलब्धि एनबैंक है। २०२२ में शुरू हुआ यह डिजिटल बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म नेपाली बैंकिंग में नया नियो बैंकिंग कांसेप्ट लेकर आया है। एनबैंक ऐप के जरिए ग्राहक लगभग ३० सेकंड में नया खाता खोल सकते हैं, एफडी पर तुरंत ऋण ले सकते हैं और कार्ड से रेमिटेंस प्राप्त कर सकते हैं। शाखा पहुंचे बिना ही अनेक सेवाएं मिलने से यह विशेष रूप से युवा पीढ़ी और डिजिटल माध्यम का प्रयोग करने वाले ग्राहकों के लिए अत्यंत सुविधाजनक हुआ है।

बैंक के अनुसार अब एनबैंक का विकास एआई केंद्रित होगा जिससे बैंकिंग सेवाएं और भी स्मार्ट और व्यक्तिगत होंगी। इसके परिणामस्वरूप त्वरित ऋण प्रावाह, उत्कृष्ट जोखिम प्रबंधन, बुद्धिमान ग्राहक अनुभव, व्यापक वित्तीय समावेशन और मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित होगी।

नए कोर बैंकिंग सिस्टम, ओम्नी चैनल मैनेजर, बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट और लोन ओरिजिनेशन सिस्टम जैसे प्लेटफ़ॉर्म बैंक की अधिकांश प्रक्रियाओं को डिजिटल कर चुके हैं। इनमें ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृति, सीमा निर्धारण और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्रणाली में समाहित है।