Skip to main content

जीवनशैली प्रमुख सुतोमु शिबायामा : डोरेमोन के मास्टरमाइंड

जापानी एनिमेशन निर्देशक सुतोमु शिबायामा का ६ मार्च २०२६ को दिन ८४ वर्ष की आयु में फेफड़ों के कैंसर से निधन हो गया। जापानी एनिमेशन (एनीमे) की दुनिया में कुछ दुर्लभ नाम हैं जिन्होंने केवल चित्रों को जीवंत नहीं बनाया बल्कि विश्वभर के करोड़ों बच्चों के बचपन को रंगीन और यादगार बनाया। ऐसे ही एक नाम हैं सुतोमु शिबायामा। फेफड़ों के कैंसर से लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने ६ मार्च २०२६ को ८४ वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। उनकी मृत्यु की खबर ने न केवल जापान बल्कि विश्वभर के एनीमे प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया है। इसके साथ ही एनीमेशन उद्योग ने एक महान शिल्पकार को खो दिया है।

सुतोमु शिबायामा का जन्म १९४१ में जापान की राजधानी टोक्यो में हुआ था। तब विश्व द्वितीय युद्ध का दौर था और जापान इसके मुख्य हिस्सा था। इसलिए उनका बचपन सुखद नहीं था। उन्होंने युद्ध की त्रासदी और उसके बाद की कठिनाइयों के बीच जवान होने की प्रक्रिया देखी। उन कठिन दिनों में उनका एक साथी था – चित्रकला। बचपन से ही उनमें चित्रकारी का रुचि था। युवावस्था में यह रुचि उनके व्यवसाय का मुख्य हिस्सा बन गई। उन्होंने जापानी कॉमिक्स अर्थात् मंगा की ओर कदम बढ़ाया।

१९६० के दशक जापानी एनिमेशन उद्योग के लिए नए युग की शुरुआत था। १९६३ में शिबायामा जापान की प्रसिद्ध टोई एनिमेशन कंपनी से जुड़े। वहाँ उन्होंने एनिमेशन के तकनीकी पक्ष सीखें। जब डोरेमोन की बात आती है, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में मंगा सर्जक फुजिको एफ. फुजियो का नाम आता है। उन्होंने इस पात्र की रचना की। लेकिन फुजियो द्वारा कागज पर बनाए गए उस नीले रोबोट बिल्ली और नोबिता की कहानी को टेलीविजन और सिनेमा पर जीवंत रूप देने का काम सुतोमु शिबायाम ने किया। १९७९ में डोरेमोन की नई टीवी श्रृंखला के शुरुआत में शिबायामा ने मुख्य निर्देशक का जिम्मा संभाला।

उन्होंने २२ डोरेमोन फीचर फिल्मों का निर्देशन किया। डोरेमोन: नोबिता का लिटिल स्टार वार्स से लेकर डोरेमोन: नोबिता इन वन-न्यान स्पेसटाइम ओडिसी तक की फिल्में उनके कल्पनाशील निर्देशन की देन हैं। इस प्रकार उन्होंने डोरेमोन को सिर्फ एक कॉमेडी शो तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने विज्ञान, अंतरिक्ष, समय यात्रा, पर्यावरण संरक्षण, मैत्री जैसे विषयों को भी इसमें समाहित किया। इसी वजह से डोरेमोन आज जापान का सांस्कृतिक दूत बन चुका है।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ