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निजी र सरकारी अस्पतालमा १० प्रतिशत शय्याबाट विपन्नको उपचार नि:शुल्क

निजी और सरकारी अस्पतालों में गरीबों के लिए 10 प्रतिशत बेड नि:शुल्क आरक्षित करने का निर्णय

सरकार ने सरकारी और निजी अस्पतालों में गरीब, असहाय और बेवारिसे मरीजों के लिए कम से कम 10 प्रतिशत बेड नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना को कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने के लिए सरकार ने आगामी 30 दिनों के भीतर देशभर में ‘फ्री हेल्थ पोर्टल’ शुरू करने का निर्देश दिया है, जो निशुल्क सेवा से संबंधित विवरण और सेवा उपयोग की निगरानी करेगा।

प्रदेशों के अस्पतालों में जलन उपचार के लिए ‘बर्न वार्ड’ स्थापना की प्रक्रिया 30 दिनों के अंदर शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस ‘स्टैंडबाय’ रखने की योजना भी आगे बढ़ाई गई है। 14 चैत को Kathmandu में आयोजित एक कार्यक्रम में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र सुधार के लिए विभिन्न योजनाएँ शामिल करते हुए 100 दिवसीय कार्यसूची प्रस्तुत की है।

सरकार की इस योजना का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित रह गए व्यक्तियों तक सेवा पहुंचाना है। अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली नि:शुल्क सेवाओं का विवरण और सेवा उपयोग का वास्तविक समय में निगरानी हेतु तीन महीनों के भीतर डिजिटल और एकीकृत ‘पेशेंट रिकॉर्ड सिस्टम’ विकसित किया जाएगा।

निजी अस्पतालों में गैरज़रूरी रिफरल की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट रिफर प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, व्यवहार, स्वच्छता और सेवा प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए ‘अटेंडेंस मॉनिटरिंग’, ‘कंडक्ट रिव्यू’ और ‘क्लीनलीनेस ऑडिट’ एक हफ्ते के भीतर अनिवार्य कर दिए जाएंगे।

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