
सरकार ने कानून निर्माण के लिए निश्चित समयसीमा लागू की
सरकार ने ३० दिनों के भीतर तीन विधेयक तैयार करने और कानूनी निर्माण की समयसीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया है। कानून, न्याय तथा संसदीय मामलों की मंत्री सोविता गौतम ने शासकीय सुधार कार्यसूची के अंतर्गत विभिन्न मंत्रालयों के साथ कार्य को आगे बढ़ाया है। सरकार ने ४५ दिनों के भीतर संघीय निजामती सेवा विधेयक तथा ६० दिनों के भीतर सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक शासन विधेयक तैयार करने की योजना बनाई है। १७ चैत्र, काठमांडू। सरकार ने अब नए कानूनों के निर्माण और संशोधन की प्रक्रिया में निश्चित समय निर्धारित कर इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। १०० बिंदुओं वाली शासकीय सुधार कार्यसूची के तहत प्राथमिकता के आधार पर कानून निर्माण के लिए आवश्यक समय सीमा तय की गई है। कानून, न्याय तथा संसदीय मामलों की मंत्री सोविता गौतम ने शासकीय सुधार की १०० बिंदुओं में शामिल संबंधित मंत्रालयों के साथ कार्य आगे बढ़ाए जाने की जानकारी दी।
विभिन्न मंत्रालयों से प्राप्त विधेयक और संबंधित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कानून, न्याय तथा संसदीय मामलों के मंत्रालय में फास्ट ट्रैक डेस्क स्थापित किया गया है। साथ ही संबंधित मंत्रालय अपने-अपने स्तर पर कानूनी निर्माण कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रत्येक मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किए गए कानून के मसौदे को कानून, न्याय तथा संसदीय मामलों के मंत्रालय से कानूनी सलाह लेने के बाद ही मंत्रिपरिषद में प्रस्तुत किया जाएगा। संविधान लागू हुए १० वर्ष बीत जाने के बावजूद कार्यान्वयन से जुड़ी कई कानून तैयार नहीं हो पाए हैं। मंत्री गौतम ने कहा कि इस विषय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने १३ चैत्र को मंत्रालय की जिम्मेदारी ग्रहण करने के बाद कहा, ‘इस बार हमें अत्यन्त तीव्र गति से काम करना होगा। पूर्व में आवश्यक कानून पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाए। अब हमारा मंत्रालय निरंतर समन्वय कर कार्य को आगे बढ़ाएगा।’
मंत्री गौतम का मानना है कि संसद भी सरकार के साथ मिलकर तेजी से कानून निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, ‘संसद के सदस्य भी कानून निर्माण के लिए उत्सुक हैं। उन्हें भी तेज़ गति से काम करना होगा। इस प्रकार संसद और सरकार दोनों को मिलकर तेजी से आगे बढ़ना होगा।’ सरकार ३० दिन के भीतर राष्ट्रीय सदाचार नीति भी जारी करने की तैयारी में है। सदाचार प्रवर्धन, सूचनादाताओं के संरक्षण और हित/स्वार्थ संघर्ष प्रबंधन में ३० दिनों के भीतर राष्ट्रीय सदाचार नीति प्रकाशित की जाएगी और संबंधित कानूनों का प्रारूपण एवं संशोधन कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।