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टिकटोक पर राजनीतिक चेतना से भरे नए पीढ़ी के प्रदर्शन गीत


२२ चैत, काठमाडौं । फरवरी के अंत में जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, तो गीतकार और संगीतकार जोसेफ टेरेल उस संघर्ष को अपने मन से निकाल नहीं पाए। जल्द ही उनके ये विचार गीत के शब्दों के रूप में ढले।

साउथ कैरोलिना के निवासी टेरेल कहते हैं, ‘मैंने अमेरिका में हम जो मिथक बनाते हैं उसके बारे में सोचना शुरू किया, जिसमें हम खुद को अस्त होते सूरज की ओर गर्व से सवार एक तरह के हिंसक खोजकर्ता मानते हैं।’

‘इसी लिए मैंने जो गीत लिखा उसका नाम “काउबॉय मूवी” है और इसमें मैंने उन भ्रमों की शुरुआत और यह कि हम “अच्छे आदमी” नहीं हैं, इस विषय पर गीत बनाया है।’

टेरेल कहते हैं कि यह गीत किसी एक राजनेता तक सीमित नहीं है, क्योंकि इसमें ज्यादातर राजनेताओं को शामिल किया गया है, इसलिए इसे सीमित करना अनुचित होगा।

हालांकि, यह गीत कुछ निश्चित घटनाओं का ज़रूर उल्लेख करता है, जैसे कि संघर्ष के पहले दिन ईरान के एक स्कूल पर हुई बमबारी, जिसमें कम से कम १६५ लोगों की मौत हुई और उनमें अधिकांश बच्चे थे।

प्रदर्शन गीतों के इस नए दौर में राजनीति और प्रशासन को सीधे नाम लेकर ‘हाइपर-स्पेसिफिक’ शब्दों के जरिए चुनौती दी जाने लगी है।

उस बमबारी की जिम्मेदारी किसी देश ने अभी तक नहीं ली है, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक जांच में अमेरिका की संलिप्तता दिखी है।

टेरेल ने अपने कई अन्य गीतों के शुरुआती अंतरे और कोरस टिकटोक पर साझा किए हैं। उनका सबसे लोकप्रिय राजनीतिक गीत, जो इस वर्ष की शुरुआत में मिनियापोलिस में ICE अधिकारियों द्वारा रेनी गुड की हत्या के विषय पर था, ७ लाख ३५ हजार से अधिक बार देखा जा चुका है।

उनके कई समकालीन ऑनलाइन नई पीढ़ी के कलाकारों द्वारा डिजिटल दर्शकों के लिए ‘फोक प्रदर्शन गीत’ शैली को पुनर्जीवित कर राजनीतिक रूप से गहरे जड़ों वाले गीतों को नई ऊर्जा दे रहे हैं।

‘फोक प्रदर्शन गीत’ की नई时代

इंडियाना विश्वविद्यालय में संगीत सिद्धांत के प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष नोरिको मानाबे प्रदर्शन संगीत के शोधकर्ता हैं।

उनके अनुसार २०वीं सदी के मध्य तक ‘फोक’ शैली प्रदर्शन गीतों का मुख्य माध्यम थी। लेकिन १९६० के दशक के अंत में इसकी व्यावसायिकता और लोकप्रियता कम होने के कारण राजनीतिक संदेशों वाले गीतों को ‘रॉक एंड रोल’ ने जगह दे दी।

अब यह गायक-गीतकार शैली का लोक संगीत फिर से राजनीतिक विधा के रूप में वापसी कर रहा है। मानाबे कहते हैं, ‘कंट्री संगीत की बढ़ती लोकप्रियता ने इसे और मजबूत बनाया है। तकनीकी युग में इसकी सरलता भी आकर्षण पैदा करती है।’

मानाबे कहते हैं, ‘‘AI के समय में, व्यक्ति अपना गिटार पकड़कर अपने स्वर में गाता है, जिसमें मौलिकता, व्यक्तिगत स्पर्श और कलात्मकता होती है। यह एक तरह की वास्तविकता और जीवंतता देता है।’’

‘टायलेनल’ जैसे गीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन अपुष्ट दावों का जवाब देते हैं, जिनमें ट्रंप ने कहा था कि टायलेनल के इस्तेमाल और ऑटिज़्म के बीच संबंध है।

प्रदर्शन गीतों के इस नए दौर में राजनेताओं और प्रशासन को सीधे नाम लेकर ‘हाइपर-स्पेसिफिक’ चुनौती दी जाती है। ये गीत आमतौर पर किसी बड़ी खबर के सार्वजनिक होने के कुछ ही दिनों भीतर ऑनलाइन डाल दिए जाते हैं। मानाबे के मुताबिक घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया और चुनी हुई सटीक भाषा इन्हें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाती है।

टेरेल ने ‘काउबॉय मूवी’ के जरिए यही प्रयास किया है, लेकिन ऐसी तीखी और सीधी टिप्पणियां करने वाले सबसे चर्चित नाम जेसी वेल्स हैं।

आर्कान्सस के ये संगीतकार गाज़ा युद्ध, पुनः नामित रक्षा विभाग (पूर्व युद्ध विभाग) और आप्रवासन प्रवर्तन जैसे विषयों पर गीत लिखकर टिकटक पर १५ लाख से अधिक फॉलोअर्स जुटा चुके हैं। उन्होंने हाल ही में जिमी किमेल और स्टीफन कोलबर्ट के प्रसिद्ध ‘लेट नाइट’ कार्यक्रम में भी प्रस्तुति दी है।

उनके गीत तेजी से सार्वजनिक होते हैं। ‘टायलेनल’ जैसे गीत डोनाल्ड ट्रंप के अपुष्ट दावों को चुनौती देते हैं। ‘चार्ली’ जैसा गीत भी शीघ्र सार्वजनिक होता है, जो चार्ली कर्क की हत्या के बाद सहानुभूति व्यक्त करता है।

वर्ष २०२५ में वेल्स ने समकालीन विषयों पर आधारित ६ एल्बम जारी किए थे।

अतीत से अधिक सक्रिय नई पीढ़ी

ऐसे शब्दों के उपयोग ने नई पीढ़ी के लोक संगीत को अतीत से अलग किया है। संदेशात्मक लोक संगीत गृहयुद्ध के समय से रहा है, जहां ‘जॉन ब्राउन का शव’ जैसे गीत सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण थे।

लेकिन कलाकार अक्सर पुराने परिचित स्वर में नए शब्द जोड़कर गीत बनाते थे। १९३० और ४० के दशक में श्रमिक अधिकारों पर जो हिल और वुडी गुथरी जैसे कलाकारों ने ऐसा किया था, हालांकि कुछ ने मौलिक धुनें भी बनाईं।

१९६० के दशक में जॉन बाइज, फिल ओक्स और बॉब डिलन जैसे कलाकारों ने वियतनाम युद्ध और नागरिक अधिकारों पर अपने मौलिक गीत काफी लिखे। उन्होंने पुरानी लोक धुनों को भी पुनर्जीवित किया और प्रदर्शन में गाए।

कान्सास स्थित बेथेल कॉलेज की संगीत सह-प्राध्यापक होली स्वार्टजेनड्रुबर के अनुसार, पुराने लोक गीतों में प्रशासन या राजनेता का नाम सीधे तौर पर उल्लेख कम था।
‘कुछ गीतों में ऐसा दिखता है, जैसे केंट स्टेट शूटिंग पर क्रॉसबी, स्टिल्स, नश एंड यंग का ‘ओहायो’ गीत, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन का नाम लिया गया है। लेकिन अन्य गीत नस्लवाद-विरोधी ‘स्ट्रेंज फ्रूट’ और ‘लिंचिंग’ पर केंद्रित थे,’ वह बताती हैं।

स्वार्टजेनड्रुबर कहती हैं, ‘ऐसे गीतों में ‘कु क्लक्स क्लान’ या श्वेत श्रेष्ठता जैसे शब्द सीधे सुनाई नहीं देते, लेकिन वे विषय अंतर्निहित होते हैं।’

टिकटोक से वास्तविक दुनिया तक

लेकिन प्रदर्शन संगीत का यह नया दौर ऑनलाइन तक सीमित दिखता है, कॉन्सर्ट या राजनीतिक रैलियों की तुलना में। स्वार्टजेनड्रुबर के अनुसार, इंटरनेट के ‘ट्रेंड साइकल’ के कारण यह आंदोलन अल्पकालिक भी हो सकता है।

‘‘क्या कुछ समय बाद यह सिर्फ एक छोटी आवाज़ बन कर रह जाएगा? क्या लोग अगले नए गीत की बजाय कुछ अलग खोजने लगेंगे?’ वह सवाल उठाती हैं।

स्वार्टजेनड्रुबर का कहना है कि यदि राजनीतिक फोक गीतों की यह लहर टिकेगी, तो किसी न किसी रूप में वास्तविक दुनिया में ठोस प्रभाव दिखाना होगा।

मानाबे भी इस बात से सहमत हैं। उनका मानना है कि प्रदर्शन संगीत का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत विरोध या संगठन विस्तार नहीं, बल्कि राजनीतिक आंदोलन के अंदर एक शक्तिशाली माध्यम बनना है।

टेरेल का कहना है कि केवल उनके गीत ही बदलाव लाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते, लेकिन वे उम्मीद करते हैं कि ये गीत कम से कम एक भूमिका निभाएंगे।

मानाबे कहते हैं, ‘मैं चाहता हूं कि अधिक लोग इंस्टाग्राम से बाहर निकलकर सड़क पर आएं और अपने दर्शकों से वास्तविक रूप से जुड़ें।’

मानाबे ने हाल ही में जेसी वेल्स का कन्सर्ट देखा है। उनके अनुसार, हॉल दर्शकों से भरा था और जटिल गीत भी गाए गए थे, जिससे पता चलता है कि वेल्स का समर्पित फैनबेस है।

जनता के दिल से जुड़ने का माध्यम

मैसाचुसेट्स के लोक कलाकार ओलिव क्लुग हाल ही में एक संगीत यात्रा पर थे जहां उन्होंने ‘कॉल एंड रिस्पांस’ शैली के गीतों से दर्शकों को सक्रिय सहभागी बनाया।

क्लुग ने संगीत को अपना करियर बनाने के लिए नौकरी छोड़ी थी। वे अक्सर AI के नकारात्मक प्रभावों और षड्यंत्र सिद्धांतों पर गीत गाते हैं।

उनके हर प्रदर्शन में क्लुग दर्शकों को प्रसिद्ध गीत ‘आई डोन्ट वांट योर मिलियन्स मिस्टर’ की प्रतिक्रिया स्वरूप संगीत सिखाते हैं। यह गीत उन्होंने बेरोजगारों के पक्ष में सरकारी कामकाज बंद होने पर बनाया था।

‘कंसर्ट के बाद कई लोग मेरे पास आए और कहा, “इस गीत ने इस दर्दनाक समय में मुझे आशावादी बनाया,”’ क्लुग ने कहा, ‘सबने इतनी बड़ी आवाज़ में गाया कि यह सचमुच प्रेरणादायक अनुभव था।’

कार्सी ब्लैंटन जैसे अमेरिकी संगीतकार भी अपने कंसर्ट में स्थानीय मुद्दों पर प्रशंसकों को जागरूक करने और अभियान में शामिल कराने के लिए ‘साइन-अप’ टेबल लगाते हैं। क्लुग और टेरेल ने अपनी मर्चेंडाइज या गीतों की बिक्री से कुछ धन दान में दिया है।

टेरेल कहते हैं कि केवल उनके गीत परिवर्तन नहीं ला सकते, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि ये कुछ भूमिका निभाएंगे।

‘हमें संगीत से अधिक की जरूरत है, हमें वास्तविक और ठोस बदलाव चाहिए। लेकिन जब तक संगीत लोगों को उस दिशा में ले जा सकता है, तब तक यह बहस का एक अहम हिस्सा बना रहेगा।’

(सीबीसी में प्रकाशित सामग्री का अनुवाद)

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