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सरकार विदेशी और आंतरिक रोजगार के लिए ‘एकद्वार प्रणाली’ के तहत प्रशिक्षण देने की तैयारी में

सरकार आंतरिक और विदेशी रोजगार के लिए एक ही छत के नीचे प्रशिक्षण संचालन करने की तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान ने पाँच वर्षीय रणनीतिक योजना २०२६–३१ के अंतिम चरण में प्रवेश किया है। सातों प्रदेशों में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर प्रशिक्षण प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत किया जाएगा। काठमांडू, २३ चैत्र। सरकार अब आंतरिक रोजगार के लिए ही नहीं बल्कि विदेशी रोजगार जाने वाले श्रमिकों के लिए भी एक छत के नीचे प्रशिक्षण देने का योजना बना रही है। इसके लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान पाँच वर्षों की रणनीति बना रहा है। अब तक आंतरिक रोजगार लक्षित प्रशिक्षण देते रहे संस्थान ने अब विदेशी रोजगार लक्षित कौशल आधारित प्रशिक्षण भी शुरू करने के लिए अपनी संरचना और कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है।

दीपककुमार साह के श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री नियुक्त होने के बाद पहले निर्णय के तौर पर राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से दक्ष जनशक्ति निर्माण के लिए ‘रणनीतिक योजना २०२६–३१’ तैयार करना था। संस्थान के कार्यकारी निदेशक रमेशकुमार बखती के अनुसार यह रणनीतिक योजना फिलहाल अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इसका अंतिम रूप दिया जाएगा। ‘अब तक स्वदेशी और आंतरिक रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया गया, परन्तु अब धीरे-धीरे विदेशी रोजगार जाने वालों को भी प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है,’ बखती ने बताया।

वर्तमान में इटहरी, बुटवल, भैंसेपाटी सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रशिक्षण केंद्र ministry के अधीन स्वतंत्र रूप से संचालित हो रहे थे। नई संरचना के अनुसार सातों प्रदेशों में एक-एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे और उन्हें सभी राष्ट्रीय संस्थान के अधीन लाया जाएगा। ‘राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान विकास समिति गठन आदेश २०८०’ के बाद संस्थान के कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ है। इसी संदर्भ में विदेशी रोजगार से संबंधित प्रशिक्षण शामिल करने के लिए नई रणनीतिक योजना आवश्यक हुई, इसलिए यह योजना तैयार की गई है। अब प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को न केवल आंतरिक बल्कि विदेशी रोजगार के लिए आवश्यक पूर्वाधार भी विकसित करना होगा।

संस्थान ने बताया कि गंतव्य देशों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, प्रौद्योगिकी और कार्यप्रणाली के अनुसार प्रशिक्षण देना होगा, इसलिए मानक निर्माण किया जा रहा है। नई संरचना में स्थानांतरित होने के बाद संस्थान का कार्यक्षेत्र भी बढ़ा है। इसी के अनुरूप तकनीकी सहयोग के साथ नई रणनीतिक योजना तैयार की जाएगी। मंत्री साह के निर्णय के बाद आवश्यक संशोधनों के बाद इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। विदेश से लौटे कामगारों और संबंधित देशों की संस्थाओं के साथ समन्वय करके आवश्यक कौशल, अभ्यास और पूर्वाधार का अध्ययन कर मानक तैयार किए जाएंगे।

इसके लिए सरकार रोजगारदाता संघ, नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ आदि के साथ सहयोग कर प्रशिक्षण के विषय निर्धारित करने की रणनीति बना रही है। निजी क्षेत्र से यह ज्ञात किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में किस प्रकार की जनशक्ति की आवश्यकता है। तदनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ना आसान होगा, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया है। फिलहाल कई निजी प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं हैं जो विदेशी रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों को प्रशिक्षण दे सकती हैं।

फिर भी विदेशी रोजगार लक्षित पूर्वाधार की अतिरिक्त आवश्यकता रहेगी। कोई भी आंतरिक रोजगार केंद्र विदेशी रोजगार जाने वाले श्रमिकों को प्रशिक्षण देगा, लेकिन इसके लिए संबंधित गंतव्य देश की प्रथाओं, तकनीक और उपकरणों के अनुसार पूर्वाधार को विकसित करना होगा। संबंधित गंतव्य देशों की संस्थाओं के साथ समन्वय कर आवश्यक पूर्वाधार और मानकों के अनुसार प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। श्रम मंत्रालय के अधीन संचालित सभी कौशल आधारित प्रशिक्षण को ‘एकद्वार प्रणाली’ में लाने की तैयारी है। वर्तमान में संस्थान को ६ महीने तक कौशल आधारित प्रशिक्षण संचालित करने का अधिकार प्राप्त है और इसी सीमा में प्रशिक्षण का विस्तार किया जाएगा। विदेशी रोजगार जाने वाले श्रमिकों को विदेशी रोजगार बोर्ड के सचिवालय और विभिन्न संघ-प्रतिष्ठान भी प्रशिक्षण प्रदान करते रहे हैं। अब संस्थान के माध्यम से सभी प्रकार के प्रशिक्षण संचालित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। नई रणनीतिक योजना में कौशल-आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ स्किल टेस्टिंग, प्रमाणीकरण, उद्यमशीलता विकास और ‘ग्रीन स्किल’ को प्राथमिकता दी जाएगी। विश्व बाजार की आवश्यकताओं अनुसार जनशक्ति और प्रौद्योगिकी की तुलना में उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए गृह कार्य जोरों पर है। इस तरह समग्र प्रणाली को एकीकृत करके कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के बीच संबंध मजबूत करने के उद्देश्य से रणनीतिक योजना अंतिम चरण में है, संस्थान ने बताया।

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