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ऊर्जा मंत्री ने इप्पान को साझेदार संस्था बनाने की योजना पेश की

ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्री बिराजभक्त श्रेष्ठ ने ऊर्जा उत्पादकों की छाता संस्था इप्पान को केवल सरोकारवादी निकाय नहीं बल्कि साझेदार संस्था के रूप में आगे बढ़ाने की योजना बताई है। उन्होंने मल्टीपल बायर प्रणाली लागू करने और अनुसंधान एवं विकास (R&D) नीति लेकर आने की योजना भी प्रस्तुत की।

इप्पान के अध्यक्ष गणेश कार्की ने बताया कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र के मुद्दों को एक महीने से एक वर्ष के भीतर सुलझाने की उम्मीद रखती है। मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि निजी क्षेत्र ने नेपाल की ऊर्जा प्रणाली में राज्य से अधिक योगदान दिया है, इसलिए अब सिर्फ एक खरीददार के रहते काम करना संभव नहीं होगा।

मंत्री श्रेष्ठ ने जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ प्रसारण लाइन निर्माण में स्थानीय तह से आने वाली बाधाओं का मुख्य कारण जनचेतना की कमी बताई और कहा कि सरकार को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर जनचेतनात्मक कार्यक्रम संचालित करना होगा। उन्होंने कहा, “ऊर्जा अवसंरचना समय पर नहीं बनने पर न केवल उद्योगपतियों बल्कि पूरे देश को खतरा होगा, इसे समझाना आवश्यक है।”

अध्यक्ष कार्की ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी की एकल सरकार होने का उल्लेख करते हुए कहा कि घोषणा पत्र में बताए गए विषयों और 100 बिंदु कार्ययोजना के अनुसार सरकार ने 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने और एक वर्ष के भीतर पूरा करने वाले कार्यों को निर्धारित किया है और ऊर्जा क्षेत्र की सभी समस्याओं को सुलझाने की उम्मीद है।

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