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नीतिगत सुधार में महासंघ ने नई ऊंचाई हासिल की: चन्द्र ढकाल

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष चन्द्रप्रसाद ढकाल ने तीन वर्ष के कार्यकाल में आर्थिक संकट के समाधान और निवेश-मैत्री वातावरण निर्माण में सफलता हासिल करने की जानकारी दी है। महासंघ की पहल पर राष्ट्रीय आर्थिक बहस आयोजित की गई और उच्च स्तरीय आर्थिक सुधार सुझाव आयोग गठित किया गया है तथा निजी क्षेत्र को शांति क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है। महासंघ ने द्विपक्षीय निवेश समझौता मसौदा तैयार किया और विभिन्न देशों के साथ निवेश सम्मलेन आयोजित किए तथा संस्थागत परिवर्तनों के लिए विधान संशोधन भी किया है। २६ चैत, काठमांडू।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष चन्द्रप्रसाद ढकाल ने कहा कि अध्यक्ष पद ग्रहण करने के समय देश की अर्थव्यवस्था अत्यंत चुनौतीपूर्ण स्थिति में थी, जिसे स्वीकार करते हुए सुधार हेतु कई प्रयास किए गए। कोविड-१९ महामारी, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, उच्च ब्याज दर, तरलता की कमी, निवेश में निराशा और बार-बार सरकार परिवर्तन के कारण नीतिगत अनिश्चितता ने अर्थव्यवस्था को कमजोर किया, उन्होंने बताया कि ऐसी जटिल परिस्थिति के बावजूद निजी क्षेत्र का मनोबल बनाए रखने, आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रखने और निवेश-मैत्री वातावरण बनाने में उनका नेतृत्व सफल रहा।

राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि तीन वर्ष के कार्यकाल में आर्थिक संकट समाधान, स्वदेशी व विदेशी निवेश के अनुकूल वातावरण निर्माण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को सुदृढ़ करना, दक्ष जनशक्ति उत्पादन व रोजगार सृजन, साथ ही व्यवसायी समुदाय के सम्मान और सुरक्षा को आगे बढ़ाने में सफलता मिली है। महासंघ की पहल से राष्ट्रीय आर्थिक बहस आयोजित की गई, उच्च स्तरीय आर्थिक सुधार सुझाव आयोग गठित किया गया, निजी क्षेत्र को शांति क्षेत्र घोषित किया गया और हाल के सरकार ने निजी क्षेत्र संरक्षण व संवर्धन की रणनीति भी मंजूर की है।

इसके अतिरिक्त, द्विपक्षीय निवेश समझौता (BIA) मसौदा तैयार हो चुका है और कई देशों के साथ अगला कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य और निजी क्षेत्र के बीच संघर्ष की संस्कृति से बाहर निकलकर साझेदारी आधारित संबंध बनाए गए हैं, डेडिकेटेड फीडर और ट्रंकलाइन शुल्क विवाद में मध्यस्थता की गई और १० अरब रुपए की “नेपाल डेवलपमेंट पब्लिक लिमिटेड” की स्थापना की गई है। भारत, चीन, यूएई, कतर, ब्रिटेन जैसे देशों में द्विपक्षीय निवेश सम्मेलन आयोजित किए गए।

अध्यक्ष ढकाल ने कहा, “नीतिगत सुधार और हस्तक्षेप में महासंघ ने नई ऊंचाई हासिल की है। हमने परंपरागत मांग करने वाले भूमिका से आगे बढ़ते हुए नीति निर्माण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी ली है। राष्ट्रीय आर्थिक बहस आयोजित कर सरकार, राजनीतिक दल, नियामक निकाय और निजी क्षेत्र को एक मंच पर लाने का कार्य पूरा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप उच्च स्तरीय आर्थिक सुधार सुझाव आयोग गठित हुआ, जिसने ३० से अधिक कानूनों में सुधार के सुझाव दिए और निवेश वातावरण सुधार के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार किया। निजी क्षेत्र के उद्योग, व्यापार, व्यवसाय और फैक्ट्रियों को शांति क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है।”

संस्थागत परिवर्तन के क्षेत्र में महासंघ का विधान सर्वसम्मति से संशोधित किया गया तथा नेतृत्व चयन प्रक्रिया को समावेशी, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया गया। पहली बार निजी क्षेत्र के योगदान पर शोध कर रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।

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