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असलासहित रैथाने मछली संरक्षण के लिए सरकार ने अनुदान मंजूर किया

२५ वैशाख, काठमाडौं। सरकार ने मध्य त्रिशूली नदी बेसिन में ठंडे पानी में पाई जाने वाली लुप्तप्राय रैथाने मछली प्रजातियों के संरक्षण के लिए अनुदान सहायता मंजूर की है। वैशाख २२ को हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में असला, कत्ले और सहर जात के रैथाने मछलियों के संरक्षण हेतु अनुदान कार्यक्रम को अनुमोदित किया गया। विश्व पर्यावरण सुविधा (GEF) के तहत विश्व जैविक विविधता संरचना कोष (BIOF) ने १.४५ मिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुदान प्रस्ताव रखा था।

इस राशि में से तकनीकी सहायता खर्च काटने के बाद लगभग १.२७ मिलियन अमेरिकी डॉलर नेपाल सरकार के संघीय संचयी कोष के माध्यम से रैथाने मछली संरक्षण कार्यक्रम में खर्च किए जाएंगे, मंत्रालय ने बताया। कृषि तथा पशुपक्षी विकास मंत्रालय की ‘मध्य त्रिशूली नदी बेसिन में ठंडे पानी में पाई जाने वाली लुप्तप्राय मछली प्रजाति का संरक्षण एवं मछली पकड़ने वाले समुदायों के सतत रोजगार’ नामक परियोजना के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत मध्य त्रिशूली नदी बेसिन में पाई जाने वाली लुप्तप्राय रैथाने मछली प्रजातियों का संरक्षण, पुनःस्थापना तथा स्थानीय मछली पकड़ने वाले समुदायों के सतत जीविकोपार्जन में सहायता देना लक्ष्य कृषि मंत्रालय ने बताया। कार्यक्रम में जैविक विविधता के अनुकूल व्यवहार का विस्तार, संकटग्रस्त मछली प्रजातियों का उत्पादन और पुनःस्थापना, साथ ही एक्वा फार्म की स्थापना जैसे कार्य शामिल होंगे। यह परियोजना नुवाकोट जिले के आवश्यक स्थानीय तहों में संचालित होगी। परियोजना का कार्यकाल २०२६ से २०२९ तक रहेगा, मंत्रालय ने जानकारी दी। –रासस

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